UAE सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। देश 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ गठबंधन से पूरी तरह बाहर हो जाएगा। यह कदम तेल उत्पादन बढ़ाने और ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से शिपिंग में आ रही मुश्किलों से निपटने के लिए उठाया गया है। इस बड़े बदलाव से ग्लोबल ऑयल मार्केट पर गहरा असर पड़ सकता है।
UAE ने OPEC छोड़ने का फैसला क्यों किया?
UAE के ऊर्जा मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने बताया कि यह फैसला देश के लंबे समय के आर्थिक विजन को पूरा करने के लिए लिया गया है। ऊर्जा मंत्री सुहेल मोहम्मद अल-मज़रुई ने साफ़ किया कि यह निर्णय पूरी तरह से पॉलिसी पर आधारित है। UAE अब अपनी घरेलू ऊर्जा उत्पादन में निवेश बढ़ाना चाहता है ताकि भविष्य के ग्लोबल मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत रख सके। मंत्री ने यह भी बताया कि इस फैसले के लिए किसी दूसरे देश से सलाह नहीं ली गई थी।
आगे का क्या प्लान है और इसका क्या असर होगा?
UAE ने लक्ष्य रखा है कि वह 2027 तक अपनी तेल उत्पादन क्षमता को 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुँचाएगा। ईरान युद्ध के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में शिपिंग में जो रुकावटें आ रही हैं, उससे निपटने के लिए भी यह कदम जरूरी था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि UAE के जाने से OPEC संगठन कमजोर हो सकता है क्योंकि UAE उन कुछ देशों में से था जो बहुत जल्दी अपना उत्पादन बढ़ा सकते थे। इससे आने वाले समय में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
क्या UAE अन्य संगठनों को भी छोड़ेगा?
एक सरकारी अधिकारी ने जानकारी दी है कि UAE फिलहाल अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में अपनी भूमिका की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, अभी किसी और संगठन से बाहर निकलने का कोई प्लान नहीं है। यह फैसला मुख्य रूप से तेल क्षेत्र और देश की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE आधिकारिक तौर पर OPEC से कब बाहर होगा?
UAE 1 मई 2026 से आधिकारिक तौर पर OPEC और OPEC+ गठबंधन से बाहर हो जाएगा।
UAE तेल उत्पादन का नया लक्ष्य क्या है?
UAE ने साल 2027 तक अपने तेल उत्पादन की क्षमता को बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है।