UAE की एक महिला ने शादी के नाम पर हुई बड़ी धोखाधड़ी के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीत ली है। इस ठगी में महिला ने करीब 10 लाख दिरहम गंवाए थे। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद महिला के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसमें WhatsApp मैसेज ने अहम सबूत के तौर पर काम किया।
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शादी और निवेश के नाम पर हुई ठगी के बड़े मामले
UAE की अदालतों में हाल के समय में रिश्तों के नाम पर पैसों की धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। Abu Dhabi और Dubai की अदालतों ने ऐसे मामलों में कड़े फैसले दिए हैं।
| शहर | ठगी की राशि | धोखाधड़ी का तरीका | कोर्ट का फैसला |
|---|---|---|---|
| Abu Dhabi | 1,083,657 दिरहम | फर्जी निवेश स्कीम | पूरी राशि और 50,000 दिरहम मुआवजा देने का आदेश |
| Abu Dhabi | 270,400 दिरहम | शादी का झूठा वादा | पूरी राशि और 50,000 दिरहम जुर्माना देने का आदेश |
| Dubai | 400,000 दिरहम | रोमांस स्कैम | आदमी को 5 साल की जेल और जुर्माना |
कोर्ट में WhatsApp मैसेज की अहमियत
UAE की अदालतें अब WhatsApp मैसेज, ईमेल और स्क्रीनशॉट जैसे डिजिटल सबूतों को स्वीकार कर रही हैं। हालांकि, इन सबूतों को अपनाने से पहले कोर्ट उनकी असलियत की गहन जांच करता है।
- जांच की प्रक्रिया: कानूनी सलाहकार Dr. Hasan Elhais के मुताबिक, कोर्ट यह देखता है कि मैसेज असली हैं या नहीं और उन्हें भेजने वाले की पहचान सही है या नहीं।
- मैसेज का मतलब: वकील Ahmed Al Zarooni ने बताया कि कोर्ट सिर्फ मैसेज भेजने के प्लेटफॉर्म को नहीं, बल्कि उसमें लिखी बात को देखता है।
एक ताजा मामले में, क्रेडिट कार्ड बिल भरने के लिए पत्नी द्वारा भेजे गए एक साधारण WhatsApp मैसेज को कोर्ट ने सबूत माना। इस वजह से कोर्ट ने महिला को अपने पूर्व पति को पैसे वापस करने का आदेश दिया। इससे यह साफ है कि डिजिटल बातचीत अब कानूनी विवादों में बड़े सबूत बन चुके हैं।
