यूएई में चल रहे क्षेत्रीय तनाव के बीच कई निजी कंपनियों ने अपने स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की सुविधा देना शुरू किया है. मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (MOHRE) के अनुसार, घर से काम करने वाले कर्मचारियों के अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा. यह नियम खास तौर पर वहां रहने वाले भारतीय और अन्य विदेशी कामगारों के लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि उनके वेतन और छुट्टियों की सुरक्षा अब कानून के दायरे में है.

रिमोट वर्किंग और लेबर लॉ के मुख्य प्रावधान

यूएई श्रम कानून और कैबिनेट संकल्प संख्या (1) 2022 का अनुच्छेद 5 रिमोट वर्किंग के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है. इसके तहत घर से काम करने वाले कर्मचारियों को वही अधिकार प्राप्त हैं जो ऑफिस में बैठने वाले सहयोगियों को मिलते हैं. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:

  • समान वेतन: वेतन सुरक्षा प्रणाली (WPS) के माध्यम से समय पर मासिक वेतन का भुगतान अनिवार्य है.
  • काम के घंटे: सामान्य कामकाजी घंटे और ओवरटाइम के नियम रिमोट वर्किंग पर भी लागू होंगे.
  • छुट्टियां और बीमा: सवेतन अवकाश, मेडिकल इंश्योरेंस और ग्रेच्युटी के हक में कोई बदलाव नहीं होगा.
  • सुरक्षा: कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि घर से काम करने के दौरान कर्मचारी के स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े.

क्या कर्मचारी अपनी मर्जी से चुन सकता है वर्क फ्रॉम होम?

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यूएई कानून के तहत कर्मचारियों को काम से मना करने या अपने आप रिमोट वर्क चुनने का अधिकार नहीं है. इसके लिए नियोक्ता यानी कंपनी की पूर्व स्वीकृति और आपसी समझौता होना जरूरी है. अगर कोई कर्मचारी बिना समझौते के ऑफिस आने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे मौजूदा स्थितियों को देखते हुए कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति लचीला रुख अपनाएं. सिटी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और पीडब्ल्यूसी जैसी बड़ी कंपनियों ने पहले ही अपने कर्मचारियों के लिए रिमोट वर्किंग के विकल्प खोल दिए हैं.

मई 2026 तक के लिए जारी सिफारिशों के अनुसार, मंत्रालय ने निजी क्षेत्र को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी भूमिकाओं को छोड़कर बाकी स्टाफ को घर से काम करने की अनुमति दें. इसके अलावा स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को भी दूरस्थ शिक्षा यानी ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com