UAE के मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय (MoHRE) ने मजदूरों के रहने की जगह के लिए नए और सख्त मानक जारी किए हैं। अब लेबर हाउसिंग को फैमिली रिहायशी इलाकों से कम से कम 5 किलोमीटर की दूरी पर बनाना होगा। सरकार ने यह फैसला मजदूरों के रहने के स्तर को बेहतर बनाने और समुदायों को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लिया है।

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इन नए नियमों के मुताबिक, लेबर कैंप अब इंडस्ट्रियल जोन और मुख्य सड़कों के पास होंगे। साथ ही, इन्हें प्रदूषण वाली जगहों और बाढ़ आने वाले इलाकों से दूर रखना होगा। सरकार चाहती है कि मजदूरों के लिए आने-जाने का रास्ता आसान हो, इसलिए कैंप के पास मुख्य सड़कों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का होना जरूरी है ताकि वे आसानी से अपने काम पर जा सकें।

यह नियम उन कंपनियों पर लागू होगा जिनके पास 50 या उससे ज्यादा मजदूर हैं और उनकी तनख्वाह 1,500 दिरहम या उससे कम है। कंपनियों को कैंप शुरू करने से पहले संबंधित अधिकारियों से जरूरी परमिट और मंजूरी लेनी होगी।

रहने की सुविधाओं में हुए बड़े बदलाव

मजदूरों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने कई जरूरी निर्देश दिए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • इंटरनेट सुविधा: अब सभी मजदूरों को फ्री इंटरनेट देना होगा ताकि वे अपने परिवार से जुड़े रह सकें और डिजिटल काम कर सकें।
  • कमरों के नियम: कमरों में अब जमीन पर सोने या ट्रिपल-डेकर बेड लगाने पर रोक लगा दी गई है। हर मजदूर के पास अपना सामान रखने की जगह, साफ बिस्तर और एयर कंडीशनिंग होना जरूरी है।
  • सफाई और सुरक्षा: कमरों के अंदर खाना पकाना और कपड़े धोना अब मना है ताकि गंदगी न फैले और आग लगने का खतरा कम हो।

स्वास्थ्य और मनोरंजन के इंतजाम

स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए सरकार ने कहा है कि जिन कैंपों में 1,000 या उससे ज्यादा मजदूर रहते हैं, वहां 24 घंटे चलने वाला मेडिकल क्लिनिक होना चाहिए। सभी कैंपों में फर्स्ट-एड रूम और बीमार मजदूरों के लिए आइसोलेशन रूम रखना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, मजदूरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए छुट्टियों के दौरान सामाजिक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करने की सलाह दी गई है। बड़े कैंपों में खेलकूद की सुविधाएं और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच भी सुनिश्चित करनी होगी।

प्रबंधन को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मजदूरों को उनकी भाषा में उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य नियमों की जानकारी लिखित में दें, ताकि किसी भी समस्या होने पर वे सरकार से संपर्क कर सकें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.