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  • बेवजह कामगारों का सैलरी कट करना कानूनन जुर्म
  • कामगार की सहमति होनी जरूरी

बेवजह कामगारों का सैलरी कट करना कानूनन जुर्म

संयुक्त अरब अमीरात में बेवजह कामगारों का सैलरी कट करना कानूनन जुर्म है। हालांकि कई ऐसी विशेष परिस्थिति होती है जिसमें कामगारों का 50 फ़ीसदी तक सैलरी काट लिया जाता है।

क्या होती है स्थिति

इसके बावजूद भी कई ऐसी परिस्थिति है जिन में कामगारों का पैसा काटा जाता है इसके बारे में कुछ जानकारी होनी जरूरी है। जैसे कि अगर कामगार कंपनी से लोन लेता है यानी कि वह कंपनी से एडवांस में पैसा ले रहा है तो ऐसी स्थिति में उसकी सैलरी से पैसा काटा जाता है।

हालांकि इसके लिए कामगार की सहमति होनी जरूरी है और एक निश्चित अमाउंट ही काटा जाता है जिससे कामगार की जीविका पर दुष्प्रभाव ना पड़े।

मंत्रालय के द्वारा मान्यता प्राप्त सोशल प्रोजेक्ट

इसके अलावा अगर कंपनी के द्वारा किसी तरह का सोशल प्रोजेक्ट में काम किया गया रहता है तो ऐसी स्थिति में किश्तों के माध्यम से कामगार का पैसा काटा जाता है। लेकिन इसमें भी कामगार की सहमति होनी जरूरी है। वहीं कामगार को यह सुनिश्चित करना होगा कि सोशल वर्क मंत्रालय के द्वारा मान्यता प्राप्त है।

एग्रीमेंट के हिसाब से काम नहीं करना

अगर कोई कामगार एग्रीमेंट के हिसाब से काम नहीं करता है तो दंड का भागीदार होता है और दंड के रूप में एक निश्चित अमाउंट उसकी सैलरी से काट लिया जाता है। हालांकि यह अमाउंट समय के हिसाब से बदलता रहता है।

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।