UK कोर्ट का बड़ा फैसला, पांच Palestine Action कार्यकर्ताओं को नहीं मिलेगी आतंकवाद कानून के तहत सजा

यूके की एक अदालत ने प्रदर्शन के दौरान बैंक को नुकसान पहुंचाने वाले पांच लोगों के मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। प्रेस्टन क्राउन कोर्ट के जज Judge Robert Altham ने यह साफ कर दिया है कि फिलिस्तीन समर्थक पांचों कार्यकर्ताओं को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सजा नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और आरोपियों के परिवारों ने राहत की सांस ली है और इसे विरोध प्रदर्शन के अधिकार की जीत बताया है।
मामला और आरोपियों की पूरी जानकारी
यह पूरा मामला अगस्त 2024 का है, जब लंकाशायर के बर्नले शहर में स्थित बार्कलेज बैंक की एक शाखा पर प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन के दौरान बैंक को लगभग £212,000 ($290,000) का नुकसान हुआ था। इस मामले में जिन पांच defendants को जून 2026 में दोषी ठहराया गया था, उनके नाम Brendon O'Hagan (28), Amanda Kelly (31), Hmeera Atiqnisar (31), Mohammed Malik (28) और Alma Yaniv (70) हैं। इन कार्यकर्ताओं ने बैंक को इसलिए निशाना बनाया था क्योंकि उनका आरोप था कि बैंक के पास इजरायली हथियार निर्माता कंपनी Elbit Systems के शेयर हैं।
ट्रायल के दौरान आया था नया मोड़
जून 2026 में जब इन लोगों को क्रिमिनल डैमेज यानी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया, तो मूल ट्रायल जज Philip Parry ने डिफेंस टीम को चौंका दिया था। जज ने कहा था कि वह इस बात पर विचार करेंगे कि क्या इस अपराध में 'आतंकवादी संबंध' (terrorist connection) जोड़ा जाना चाहिए। इस बात से अदालत में मौजूद जूरी और आरोपी दोनों हैरान रह गए थे। हालांकि, अब नए फैसले के बाद आरोपी मोहम्मद मलिक की मां Dove Malik ने कहा कि यह फिलिस्तीन और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार की जीत है और वे इतिहास के सही पक्ष में खड़े हैं। सभी कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया था कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में आतंकवाद के कड़े नियम लागू नहीं होने चाहिए।
अन्य मामलों से है यह फैसला अलग
यह फैसला यूके में इस समूह से जुड़े अन्य हालिया कानूनी मामलों से काफी अलग है। इससे पहले जून 2026 में ही ब्रिस्टल के पास स्थित एलबिट सिस्टम्स साइट पर तोड़फोड़ करने वाले चार अन्य सदस्यों को आतंकवादियों की तरह सजा सुनाई गई थी। उन्हें 4 से 8 साल तक की जेल की सजा दी गई थी। यह पहला मौका था जब बिना किसी आतंकवादी कृत्य या हिंसा के सीधे तौर पर विरोध प्रदर्शन करने वालों पर ऐसा कड़ा कानून लागू किया गया था। तत्कालीन गृह सचिव Yvette Cooper ने जुलाई 2025 में यूके के आतंकवाद अधिनियम 2000 की धारा 3 के तहत फिलिस्तीन एक्शन को प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि उच्च न्यायालय ने इस प्रतिबंध को गैरकानूनी बताया था, लेकिन अपील अदालत ने जून 2026 में इस प्रतिबंध को बरकरार रखा। अब इन पांचों कार्यकर्ताओं को संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में आगामी 4 सितंबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी।