UK सरकार ने मिडिल ईस्ट में अपनी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नया और सस्ता एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है. अब Royal Air Force (RAF) के Typhoon लड़ाकू विमानों में Advanced Precision Kill Weapon System (APKWS) लगाया जाएगा. यह कदम इलाके में होने वाले ड्रोन हमलों से निपटने और ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.

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यह नया एंटी-ड्रोन सिस्टम क्या है और कैसे काम करेगा?

यह सिस्टम जिसे APKWS कहा जाता है, बिना गाइड वाले साधारण रॉकेट को लेजर-गाइडेड सटीक हथियारों में बदल देता है. इसकी मदद से दुश्मन के ड्रोन को बहुत कम खर्चे में और पूरी सटीकता के साथ मार गिराया जा सकता है. BAE Systems और QinetiQ जैसी बड़ी कंपनियों ने इस सिस्टम को तैयार करने में मदद की है. यह तकनीक पुराने और महंगे मिसाइलों के मुकाबले काफी किफायती है, जिससे रक्षा बजट पर बोझ कम होगा.

कब और कहां तैनात हुए ये हथियार और क्या बोले अधिकारी?

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय (MoD) ने 15 मई 2026 को इस तैनाती की जानकारी दी, जबकि आधिकारिक तौर पर इसकी रिपोर्ट 16 मई को आई. वर्तमान में 9 Squadron के Typhoon जेट्स मिडिल ईस्ट में गश्त कर रहे हैं. रक्षा मंत्री Luke Pollard ने कहा कि इस सिस्टम की टेस्टिंग और तैनाती बहुत कम समय में पूरी की गई ताकि ड्रोन हमलों को सस्ते में रोका जा सके. एयर कमोडोर Donal McGurk ने भी इन मिसाइल सिस्टम की तेज तैयारी और टेस्टिंग की सराहना की है.

इस नई तैनाती का मुख्य मकसद क्या है?

इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश नागरिकों और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को ड्रोन हमलों से बचाना है. इसके साथ ही ब्रिटेन Strait of Hormuz को सुरक्षित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन में भी हिस्सा ले रहा है, जिसमें Typhoon जेट्स की बड़ी भूमिका है. इस सिस्टम के इस्तेमाल से पहले मार्च 2026 में जमीनी लक्ष्यों पर और अप्रैल 2026 में हवा में ड्रोन के खिलाफ सफल ट्रायल किए गए थे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

APKWS सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

यह सिस्टम साधारण रॉकेट को लेजर-गाइडेड वेपन में बदल देता है, जिससे ड्रोन को बहुत कम लागत में और सटीक तरीके से नष्ट किया जा सकता है.

इन हथियारों को किन विमानों में लगाया गया है?

इन हथियारों को Royal Air Force (RAF) के Typhoon फाइटर जेट्स में फिट किया गया है, जो फिलहाल मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनात हैं.