Hormuz Strait Update: जहाजों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन ने बढ़ाया हाथ, फ्रांस के साथ मिलकर तैनात करेगी सेना
Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए ब्रिटेन ने अब अपनी सैन्य मदद का वादा किया है। ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर एक खास मिशन चलाने की तैयारी में हैं ताकि इस अहम रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को कोई खतरा न रहे। वाशिंगटन में ब्रिटेन के दूत Christian Turner ने इस बात की पुष्टि की है कि वे इस काम में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
इस मिशन का असली मकसद क्या है?
इस मिशन का मुख्य लक्ष्य समुद्री जहाजों को सुरक्षा देना है। ब्रिटेन और फ्रांस चाहते हैं कि जब ईरान से जुड़े तनाव कम हो जाएं, तो इस रास्ते पर कोई रोक-टोक न हो। यह मिशन पूरी तरह से बचाव के लिए होगा और इसमें समुद्र से बारूद (mine clearance) हटाने का काम भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी देश इस रास्ते पर अवैध टैक्स या टोल न लगा सके।
विभिन्न देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
फ्रांस और ब्रिटेन ने पेरिस में एक बड़ी बैठक की जिसमें 51 देश शामिल हुए। वहीं, रूस ने इस योजना को बेकार बताया है क्योंकि उनका मानना है कि ईरान के साथ इस पर ठीक से तालमेल नहीं बिठाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस मिशन की आलोचना की है, हालांकि उन्होंने ईरान द्वारा रास्ता खोलने के फैसले का स्वागत किया है।
| तारीख | क्या हुआ | किसने कहा या किया |
|---|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | Strait of Hormuz को बंद किया गया | US-Israeli हमले के बाद |
| 16 अप्रैल 2026 | मिशन को बेकार बताया | रूस (Maria Zakharova) |
| 17 अप्रैल 2026 | पेरिस समिट और मिशन का ऐलान | Macron और Keir Starmer |
| 17 अप्रैल 2026 | रास्ता खोलने का ऐलान | ईरान (Abbas Araghchi) |
| 18 अप्रैल 2026 | सैन्य मदद का वादा | Christian Turner (UK) |
| 18 अप्रैल 2026 | बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी | Donald Trump (USA) |