Strait of Hormuz को खोलने की तैयारी, UK और France ने 40 देशों के साथ की बैठक, दुनिया भर में तेल और व्यापार पर पड़ेगा असर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने मिलकर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक की है. पेरिस के Elysee Palace में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में करीब 40 देशों ने हिस्सा लिया. इस पूरी चर्चा का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz को फिर से खोलना है ताकि दुनिया भर में तेल और व्यापार की सप्लाई बिना किसी रुकावट के शुरू हो सके.

Strait of Hormuz को लेकर क्या है यह नई पहल?

इस मुहिम को आधिकारिक तौर पर Strait of Hormuz Maritime Freedom of Navigation Initiative नाम दिया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति Macron ने बताया कि यह मिशन पूरी तरह से रक्षात्मक होगा और इसमें केवल वे देश शामिल होंगे जो किसी युद्ध में शामिल नहीं हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Starmer ने कहा कि इस रास्ते को बिना किसी शर्त के तुरंत खोलना पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है क्योंकि इससे ग्लोबल एनर्जी और ट्रेड पर असर पड़ रहा है.

बैठक में कौन शामिल हुआ और कौन नहीं?

इस महत्वपूर्ण बैठक में जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni खुद पेरिस पहुंचीं. खाड़ी देशों में से बहरीन और UAE को भी आमंत्रित किया गया और चीन की भागीदारी का स्वागत किया गया. खास बात यह है कि अमेरिका इस योजना का हिस्सा नहीं है और उसके अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है.

आगे की योजना और मुख्य जानकारी

इस बैठक के बाद अगले हफ्ते Northwood में एक सैन्य योजना समिट होगी. ब्रिटेन और फ्रांस के रक्षा मंत्रालय एक ऐसी नौसैनिक टीम तैयार कर रहे हैं जो सुरक्षा हालात ठीक होने पर वहां तैनात होगी. यह पूरी कोशिश अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव से अलग एक स्वतंत्र रास्ता निकालने की है.

विवरण जानकारी
मेजबान देश UK और फ्रांस
कुल प्रतिभागी देश लगभग 40
मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों को सुरक्षित खोलना
शामिल नहीं होने वाला देश अमेरिका
अगला कदम सैन्य प्लानिंग समिट (अगले हफ्ते)