UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron इस शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को पेरिस में एक बड़ी समिट की सह-मेजबानी करेंगे। इस मीटिंग का मुख्य मकसद Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने के रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए युद्ध के बाद की एक योजना तैयार करना है। यह कदम दुनिया भर में व्यापार और सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।

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पेरिस समिट और सुरक्षा योजना की खास बातें

इस समिट के जरिए एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय प्लान बनाया जाएगा जो पूरी तरह से रक्षात्मक होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति Macron ने साफ किया है कि यह मिशन किसी भी लड़ाई-झगड़े का हिस्सा नहीं होगा और इसका मकसद केवल जहाजों की सुरक्षा करना होगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Starmer ने बताया कि इस रास्ते का बंद होना वैश्विक शिपिंग के लिए बहुत नुकसानदेह है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है।

IMF की चेतावनी और आर्थिक असर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। IMF के अनुसार, अगर यह तनाव और बढ़ा तो G7 देशों में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा चोट पहुँच सकती है। इसके कारण 2026 के लिए ब्रिटेन की विकास दर (growth projection) घटकर 0.8% रह सकती है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है।

दुनिया के अन्य देशों का रुख और वर्तमान स्थिति

जहाँ एक तरफ ब्रिटेन और फ्रांस सुरक्षा योजना पर काम कर रहे हैं, वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के इस अलग फैसले का समर्थन नहीं करेगा। चीन ने भी अमेरिका के इस कदम को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।

विवरण जानकारी
समिट की तारीख 17 अप्रैल 2026
मुख्य मेजबान UK और फ्रांस
IMF ग्रोथ अनुमान UK के लिए 0.8% (2026)
अमेरिका का एक्शन ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी