ब्रिटेन और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच एक बहुत बड़ा व्यापार समझौता हुआ है। 20 मई 2026 को इस ऐतिहासिक डील पर साइन किए गए, जिससे कुवैत समेत सभी GCC देशों और ब्रिटेन के बीच व्यापार और निवेश को भारी बढ़ावा मिलेगा। अब दोनों तरफ के व्यापारियों के लिए सामान भेजना और बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा।

UK-GCC व्यापार समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?

यह समझौता मैन्युफैक्चरिंग सामान, खेती के उत्पाद, फाइनेंशियल सर्विसेज और डिजिटल सेवाओं को कवर करता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इसे ब्रिटिश बिजनेस और काम करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी जीत बताया है। इस डील की कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:

  • ब्रिटेन से GCC देशों को होने वाले लगभग 93% एक्सपोर्ट पर टैक्स (टैरिफ) खत्म कर दिया जाएगा।
  • पहले दिन ही करीब 360 मिलियन पाउंड की ड्यूटी हट जाएगी और पूरी तरह लागू होने पर हर साल 580 मिलियन पाउंड की बचत होगी।
  • चीज, चॉकलेट, मक्खन, अनाज, मेडिकल उपकरण और डिफेंस जैसे सामान अब बिना टैक्स के बेचे जा सकेंगे।
  • छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए डिजिटल ट्रेड के नए नियम बनाए गए हैं ताकि वे आसानी से सामान बेच सकें।
  • पहली बार GCC देशों ने ब्रिटिश कंपनियों को अपना डेटा क्षेत्र के बाहर स्टोर करने की अनुमति दी है।

कुवैत और ब्रिटेन के व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

इस डील से कुवैत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और निवेश में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है। कुवैत के बिजनेस अब ब्रिटेन में अपना सामान ज्यादा तेजी से और कम खर्चे में भेज सकेंगे। ब्रिटेन के ट्रेड पॉलिसी मिनिस्टर Sir Chris Bryant और GCC के सेक्रेटरी जनरल Jasem Mohamed Albudaiwi ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह डील न केवल व्यापार बढ़ाएगी बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करेगी।

इस समझौते से जुड़े कुछ मुख्य आर्थिक आंकड़े नीचे टेबल में दिए गए हैं:

विवरण आंकड़ा/डेटा
कुल वार्षिक व्यापार वृद्धि (GCC) 15.5 बिलियन पाउंड
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में वार्षिक वृद्धि 3.7 बिलियन पाउंड
ब्रिटेन में वार्षिक वेतन वृद्धि 1.9 बिलियन पाउंड
कुल वार्षिक ड्यूटी में कटौती 580 मिलियन पाउंड
कुवैत-ब्रिटेन कुल व्यापार (Q4 2025) 5.2 बिलियन पाउंड
ब्रिटेन का कुवैत को निर्यात 2.3 बिलियन पाउंड
कुवैत का ब्रिटेन को निर्यात 3.0 बिलियन पाउंड

Frequently Asked Questions (FAQs)

UK-GCC फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) क्या है?

यह ब्रिटेन और GCC देशों (कुवैत, सऊदी, UAE, कतर, ओमान, बहरीन) के बीच हुआ एक व्यापार समझौता है, जो 20 मई 2026 को साइन हुआ। इसका मकसद टैक्स कम करना और व्यापार को आसान बनाना है।

इस समझौते से कुवैत के व्यापारियों को क्या फायदा होगा?

कुवैती बिजनेस अब ब्रिटेन में अपना सामान ज्यादा सस्ते और तेज तरीके से एक्सपोर्ट कर सकेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके खुलेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.