ब्रिटेन (UK) में बुधवार से एक बड़ी मीटिंग शुरू हुई है जिसमें 30 से ज़्यादा देशों के मिलिट्री प्लानर्स हिस्सा ले रहे हैं। इस दो दिनों की कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए एक ठोस योजना बनाना है। ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर इस मिशन की अगुवाई कर रहे हैं ताकि समुद्र में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित हो सके।

Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए क्या योजना है?

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री John Healey ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य डिप्लोमैटिक सहमति को एक साझा सैन्य योजना में बदलना है। इसका लक्ष्य समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आज़ादी को सुरक्षित करना और एक स्थायी युद्धविराम (ceasefire) में मदद करना है। ब्रिटेन और फ्रांस ने यह साफ़ किया कि तैनात की जाने वाली कोई भी फोर्स केवल बचाव के लिए होगी और इसे तभी एक्टिव किया जाएगा जब इलाके में शांति समझौता हो जाएगा।

इस मीटिंग में कौन शामिल है और कौन नहीं?

यह मीटिंग लंदन के नॉर्थवुड स्थित Permanent Joint Headquarters में हो रही है। इसमें 30 से अधिक देशों के सैन्य योजनाकार शामिल हुए हैं। हालांकि, अमेरिका और ईरान इस बातचीत का हिस्सा नहीं हैं क्योंकि उन्हें युद्ध लड़ने वाले पक्ष माना गया है। इससे पहले पिछले हफ्ते पेरिस में एक बैठक हुई थी जिसमें यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के करीब 51 देशों ने हिस्सा लिया था।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या स्थिति है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार, 21 अप्रैल को ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ा दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि ईरान को अपना प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय मिल सके। बता दें कि 2 मार्च को ईरान ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी थी, जो अमेरिका और इसराइल के हमलों का जवाब था। इस बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में मदद की थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.