UK का बड़ा कदम, ईरान पर लगाए 240 से ज्यादा प्रतिबंध, न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की तैयारी.

ब्रिटेन सरकार ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए देश में सत्ता संभालने के बाद से उस पर 240 से ज्यादा प्रतिबंध लगा दिए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, इन कड़े उपायों का मुख्य उद्देश्य ईरानी शासन को वैश्विक अर्थव्यवस्था और ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का गलत फायदा उठाने से रोकना है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि ईरान इस तरह के रास्तों का इस्तेमाल अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करता है।
ईरान (सेंक्शन्स) रेगुलेशंस 2023 का दायरा बढ़ाया
यह नए प्रतिबंध पुराने नियमों यानी ईरान (सेंक्शन्स) रेगुलेशंस 2023 को और मजबूत बनाते हैं। इन नियमों के तहत उन खास लोगों और कंपनियों को निशाना बनाया जाता है जो मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों या ईरानी सरकार की ओर से चलाई जाने वाली शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल होते हैं। इसमें मानवरहित हवाई वाहनों यानी UAVs और मिसाइलों की सप्लाई करने वाले लोग भी शामिल हैं। इन कानूनी प्रावधानों के तहत ब्रिटेन सरकार ने ऐसे सामान और तकनीक पर सख्त निर्यात नियंत्रण लागू किया है जिनका इस्तेमाल आंतरिक दमन, टेलीकॉम इंटरसेप्शन या ईरान के मिसाइल और ड्रोन निर्माण सेक्टर के लिए किया जा सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अमेरिका के साथ मिलकर दबाव
इन सीधे प्रतिबंधों के अलावा, ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका और दुनिया के दूसरे देशों के साथ मिलकर तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया है। इस रणनीति में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध सूचियों को सख्ती से लागू करना शामिल है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक UK Government Statement पर जा सकते हैं, जहां चांसलर का पूरा बयान उपलब्ध है। इसके अलावा, यूके के प्रतिबंधों की सूची और उससे जुड़े नियमों की जांच के लिए UK Sanctions Search List पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।