Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे पूरी दुनिया के व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी। ब्रिटेन और भारत ने मिलकर यह बात कही है कि जहाजों की आवाजाही के लिए इस रास्ते का खुलना बहुत ज़रूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने इस मुद्दे पर खास सहमति जताई है।

जी-7 समिट में हुई बड़ी चर्चा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 समिट के दौरान मुलाकात की। इस मीटिंग में दोनों नेताओं ने साफ़ किया कि वैश्विक शिपिंग के लिए Strait of Hormuz का खुला रहना अनिवार्य है। दोनों देशों ने मांग की है कि इस रास्ते को बिना किसी टोल के और पूरी आज़ादी के साथ जहाजों के लिए खोला जाना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते से जुड़ा है। 14 और 15 जून 2026 के बीच अमेरिका और ईरान ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति जताई थी ताकि विवाद खत्म हो और रास्ता खुल सके। इस समझौते पर औपचारिक तौर पर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होंगे। आपको बता दें कि इससे पहले 11 जून 2026 को ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया था।

दुनिया भर के देशों का समर्थन

इस शांति समझौते का दुनिया भर में स्वागत हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने इसे सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इसके अलावा कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे G7 देशों ने भी इस MoU का स्वागत किया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति लौटेगी और व्यापार फिर से शुरू होगा। ओमान, इराक और सऊदी अरब ने भी इस फैसले का समर्थन किया है।

सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि उनका देश व्यापारिक जहाजों की वापसी में पूरी मदद करेगा। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने संकेत दिए हैं कि रास्ते की निगरानी के लिए फ्रांसीसी फाइटर जेट्स तैनात किए जा सकते हैं। हाल ही में अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बाद ईरान के पांच जहाजों ने इस रास्ते से आवाजाही की है।

हालांकि, Bimco और Vanguard Tech जैसे समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि रास्ते से बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने और ट्रैफिक को सामान्य करने में कई हफ्ते लग सकते हैं। उनका मानना है कि रास्ता एकदम से पूरी तरह खुलने के बजाय धीरे-धीरे और मैनेजमेंट के साथ खुलेगा।