मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए ब्रिटेन सरकार ने अपने हजारों नागरिकों को खाड़ी देशों (Gulf Countries) से सुरक्षित बाहर निकालने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। ताजा सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, यूके के करीब 76,000 से 96,000 नागरिकों ने निकासी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इस संकट की वजह से यूएई, कुवैत और कतर जैसे देशों में हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

ब्रिटिश नागरिकों के लिए क्या हैं नए निर्देश और नियम?

ब्रिटिश विदेश मंत्रालय (FCDO) ने कुवैत, यूएई, बहरीन और कतर में रहने वाले अपने नागरिकों को फिलहाल घरों के अंदर रहने (Shelter in Place) की सलाह दी है। मिसाइल गतिविधियों की खबरों के बीच लोगों से कहा गया है कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इसके अलावा, इजरायल, फिलिस्तीन और ईरान की यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी गई है। सरकार ने संकट पोर्टल एक्टिव कर दिया है ताकि सभी नागरिकों को सीधे अपडेट मिल सकें।

हवाई उड़ानों और आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?

खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण अब तक 3,400 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन फिलहाल रुक गया है। इससे न केवल ब्रिटिश नागरिक बल्कि भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों की यात्रा करने वाले लोग भी बुरी तरह फंस गए हैं। एयरलाइंस को अपने विमान तुर्की या मध्य एशिया के रास्ते भेजने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रा के समय में 5 घंटे तक की बढ़ोतरी हो गई है और तेल का खर्च भी बढ़ गया है।

संकट से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारी

विवरण ताजा जानकारी
कुल पंजीकृत नागरिक 76,000 से 96,000 के बीच
प्रभावित मुख्य हवाई क्षेत्र यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन, इजरायल और जॉर्डन
कुल रद्द उड़ानें 3,400 से अधिक
वैकल्पिक रास्ते रियाद और मस्कट के रास्ते सड़क मार्ग की योजना
एयरलाइंस का नुकसान लगभग 3.5 करोड़ पाउंड प्रतिदिन

ब्रिटिश सरकार ने इस निकासी योजना को ‘अफगानिस्तान-स्तर’ (Operation Pitting) की कार्रवाई बताया है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि यदि हवाई क्षेत्र लंबे समय तक बंद रहता है, तो नागरिकों को ओमान और सऊदी अरब के रास्ते सड़क मार्ग से निकाला जा सकता है। फिलहाल दुबई और अन्य खाड़ी शहरों के होटलों में फंसे हुए यात्रियों के लिए विशेष दरें लागू की गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.