ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने रूस और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तालमेल को लेकर नई रिपोर्ट जारी की है। ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हीली (John Healey) ने बताया है कि रूस ईरान को ड्रोन तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए जरूरी खुफिया जानकारी और ट्रेनिंग दे रहा है। यह जानकारी 26 मार्च 2026 को सामने आई है जिसमें बताया गया है कि दोनों देशों के बीच खुफिया डेटा शेयरिंग काफी बढ़ गई है।

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ब्रिटिश सरकार ने किन बातों का खुलासा किया है?

ब्रिटिश रक्षा सचिव के अनुसार रूस अब ईरान को सीधे तौर पर ट्रेनिंग और खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है। डिफेंस इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हाथ ईरान की सैन्य रणनीतियों के पीछे काम कर रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल निक पेरी ने बताया कि ईरान के ड्रोन पायलट अब उन खास युद्ध कौशल का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उन्होंने रूस से सीखे हैं। रूस ईरान को न केवल तकनीक दे रहा है बल्कि ड्रोन के सही इस्तेमाल के लिए जरूरी टारगेट डेटा भी साझा कर रहा है।

दोनों देशों के बीच क्या सहयोग हो रहा है?

क्षेत्र प्रमुख जानकारी
ड्रोन तकनीक ईरानी पायलटों को रूसी सेना द्वारा खास ट्रेनिंग
खुफिया जानकारी टारगेटिंग डेटा और सैटेलाइट इमेज साझा करना
इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सिस्टम को जाम करने और सिग्नल तकनीक में मदद
हथियारों की सप्लाई ईरान द्वारा रूस को करीब 60,000 शाहेद ड्रोन की आपूर्ति

इस सैन्य तालमेल का मिडिल ईस्ट पर क्या असर होगा?

ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि रूस और ईरान का यह गठजोड़ केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों ने 25 मार्च 2026 को बताया था कि रूस अब ईरान को दवाई और भोजन के साथ-साथ उन्नत सैन्य उपकरण भी भेज रहा है। इस सहयोग से खाड़ी देशों और इजरायल के आसपास सुरक्षा चुनौतियों के बढ़ने का अनुमान है। ब्रिटेन इस मामले में अमेरिका और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर जवाबी रणनीति तैयार कर रहा है ताकि ड्रोन और साइबर हमलों के खतरे को कम किया जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.