Strait of Hormuz में तनाव काफी बढ़ गया है। ब्रिटेन के मंत्री Stephen Doughty ने साफ़ शब्दों में कहा है कि इस समुद्री रास्ते पर न तो कोई टोल लगेगा और न ही सुरक्षा का कोई रिस्क होना चाहिए। इस पूरे विवाद की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है और जहाजों का आना-जाना भी काफी कम हो गया है।

ब्रिटेन और ईरान के बीच क्या है पूरा विवाद?

UK Minister Stephen Doughty ने UN Security Council की मीटिंग से पहले अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों पर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए ताकि जहाजों का ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के चलता रहे। ब्रिटेन का आरोप है कि ईरान इस रास्ते को बंधक बनाकर जहाजों से टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए ब्रिटेन फ्रांस और Bahrain समेत करीब 90 देशों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना रहा है।

अमेरिका और ईरान की क्या स्थिति है?

फिलहाल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी (blockade) कर रखी है। ईरान की तरफ से यह प्रस्ताव आया कि अगर अमेरिका अपनी नाकाबंदी खत्म कर दे तो वह Strait of Hormuz को फिर से खोल देगा। हालांकि, US Secretary of State Marco Rubio ने ईरान के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे स्वीकार करने से मना कर दिया है।

आम व्यापार और तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इस विवाद के कारण समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता रुकने और शिपिंग में रुकावट आने की वजह से तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की और इस रास्ते को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा की।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.