कुवैत और ब्रिटेन के बीच रक्षा संबंध अब और गहरे हो गए हैं। ब्रिटेन के डिफेंस रेडिनेस और इंडस्ट्री मंत्री Luke Pollard MP ने हाल ही में कुवैत का आधिकारिक दौरा किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा और सैन्य सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और खतरों से निपटा जा सके।

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कुवैत की सुरक्षा के लिए कौन से नए सिस्टम लगाए जाएंगे?

कुवैत की हवाई सीमा और जरूरी राष्ट्रीय इमारतों को बचाने के लिए ब्रिटेन Rapid Sentry और ORCUS जैसे आधुनिक सिस्टम तैनात करने में मदद करेगा। ये सिस्टम ड्रोन और मिसाइल हमलों को समय रहते पहचानने और उन्हें रोकने का काम करेंगे। इसके साथ ही, ब्रिटेन के काउंटर-ड्रोन एक्सपर्ट्स कुवैती सेना के जवानों को ट्रेनिंग दे रहे हैं ताकि वे नए खतरों का सामना कर सकें।

ब्रिटिश मंत्री और कुवैत के रक्षा मंत्री के बीच क्या बातें हुईं?

28 अप्रैल 2026 को कुवैत के रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al Salem Al Sabah और Luke Pollard के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। मंत्री Pollard ने साफ कहा कि ईरान की गतिविधियां ब्रिटेन और उसके सहयोगियों के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने कुवैती सेना की पेशेवर कार्यशैली की तारीफ की और बताया कि ब्रिटेन हर दिन कुवैत के साथ अनुभव और ट्रेनिंग साझा कर रहा है।

ब्रिटेन की इस यात्रा का मुख्य मकसद क्या था?

क्षेत्रीय संकट शुरू होने के बाद यह ब्रिटेन का दूसरा बड़ा मंत्री स्तर का दौरा था। ब्रिटेन अपने National Armaments Director (NAD) ग्रुप के जरिए हथियारों के निर्यात की प्रक्रिया को आसान बना रहा है ताकि जरूरी सैन्य उपकरण जल्दी मिल सकें। ब्रिटेन ने उन गल्फ पार्टनर्स का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस मुश्किल समय में ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा में मदद की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ब्रिटेन और कुवैत के रक्षा संबंध कितने पुराने हैं?

ब्रिटेन का मिलिट्री मिशन 1992 से कुवैत में सक्रिय है और दोनों देश लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं।

Luke Pollard की यात्रा क्यों महत्वपूर्ण थी?

यह यात्रा क्षेत्रीय संकट के बाद दूसरा बड़ा दौरा था, जिसका मकसद ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए आधुनिक सिस्टम और ट्रेनिंग मुहैया कराना था।