मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच की जंग का असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दिखने लगा है। ब्रिटेन में इस तनाव की वजह से होम लोन की ब्याज दरें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वहां का प्रॉपर्टी बाजार गंभीर संकट में घिर गया है। 5 जून 2026 को आई रिपोर्टों के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण ब्रिटेन के लोगों के लिए घर खरीदना अब बेहद महंगा सौदा बनता जा रहा है।

ब्रिटेन में होम लोन की ब्याज दरों पर क्या असर पड़ा?

युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रिटेन के बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने अपनी ब्याज दरों में भारी बदलाव किया है। लोन देने वाले बड़े बैंकों जैसे Barclays, HSBC, TSB, Santander और NatWest ने बाजार के बदलते हालात को देखते हुए अपनी दरों में बढ़ोतरी की है। मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान ब्याज दरों में तेजी से बदलाव देखा गया है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली बैठक 18 जून 2026 को होने वाली है, जिसमें ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

इस बदलाव को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखा जा सकता है:

समय और विवरण 2-साल का फिक्स्ड रेट (औसत) 5-साल का फिक्स्ड रेट (औसत)
11 मार्च 2026 5.01% 5.09%
अप्रैल 2026 5.5% 5.7%
बैंक ऑफ इंग्लैंड बेस रेट (30 अप्रैल) 3.75%

मिडिल ईस्ट के तनाव पर नेताओं और सेना के क्या बयान हैं?

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने 5 जून 2026 को बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद हो चुकी है और अब फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में है। रजाई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करके इस जंग को एक नया मोड़ दे सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ स्थिति नियंत्रण में है और अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।

इस बीच, इसराइल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में लगातार गोलाबारी जारी है, जिससे वहां जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ब्रिटेन में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है?

बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 18 जून 2026 को होगी। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए विशेषज्ञ ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका जता रहे हैं।

होम लोन की दरों पर इस जंग का सीधा असर कैसे पड़ रहा है?

इस जंग के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे ब्रिटेन में महंगाई का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से लोन देने वाले बैंक अपने फिक्स्ड-रेट होम लोन की ब्याज दरों को बढ़ाने पर मजबूर हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.