ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री Andy Burnham ने पद संभालते ही एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने United States को ईरान के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई के लिए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इस फैसले के तहत Diego Garcia और RAF Fairford जैसे ब्रिटिश बेस से अमेरिकी सेना ईरान के ठिकानों पर हमला कर सकेगी।
ℹ: Kuwait का नया कानून: धार्मिक स्थलों पर किसी भी धर्म के खिलाफ अपमान करने पर होगी सख्त कार्रवाई.।
तनाव का असर और बढ़ता खतरा
यह नीति पिछले प्रधानमंत्री Keir Starmer के समय शुरू की गई थी, जिसे Burnham ने आगे बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। पिछले नौ दिनों से लगातार अमेरिकी हमले ईरान के विभिन्न हिस्सों पर किए जा रहे हैं। इन सैन्य गतिविधियों के बीच आम लोगों की जान-माल का खतरा बढ़ गया है।
आम लोगों के ठिकानों पर हमले से चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव का असर खाड़ी देशों तक भी पहुंच गया है। ईरान की तरफ से हुई जवाबी कार्रवाई से Jordan, Bahrain और Kuwait जैसे देशों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। गैर-लाभकारी संगठन CIVIC ने बताया है कि ईरान के पुलों, बिजली घरों और बंदरगाहों के अलावा Kuwait के बिजली और पानी के प्लांट पर भी हमले हुए हैं। 19 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक जहाज को भी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा था, जिससे स्थिति और गंभीर बनी हुई है।
