UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer अब ईरान में चल रहे युद्ध के आर्थिक असर को लेकर गंभीर हैं। वे मंगलवार 28 अप्रैल 2026 को एक अहम मीटिंग करने जा रहे हैं। इस मीटिंग में Bank of England और सरकार की इमरजेंसी रिस्पांस कमेटी (COBRA) के लोग शामिल होंगे ताकि यह देखा जा सके कि इस संकट से आम लोगों की जिंदगी और उनकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।
मीटिंग का मुख्य मकसद क्या है और क्या होगा असर
प्रधानमंत्री Keir Starmer ने सोमवार को ट्रेड यूनियन के सदस्यों से बात करते हुए बताया कि वे COBRA की इस मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में Bank of England के विशेषज्ञों को इसलिए बुलाया गया है ताकि यह पक्का किया जा सके कि इस आर्थिक संकट के समय में कामकाजी लोगों का पूरा साथ दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस युद्ध के आर्थिक नतीजे काफी समय तक रह सकते हैं और इसका सीधा असर ईंधन की बढ़ती कीमतों के रूप में देखा जा सकता है।
मीटिंग में कौन शामिल होगा और अब तक क्या तैयारी हुई
इस बड़ी मीटिंग में मुख्य रूप से ये लोग शामिल होंगे
- UK प्रधानमंत्री Keir Starmer
- Bank of England के प्रतिनिधि
- सरकार की इमरजेंसी रिस्पांस कमेटी (COBRA) के सदस्य
इससे पहले रविवार 26 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री Starmer ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से बातचीत की थी। इस चर्चा में Strait of Hormuz के रास्ते से शिपिंग को दोबारा शुरू करने पर जोर दिया गया क्योंकि इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
ब्रिटेन सरकार का इस युद्ध पर क्या रुख है
ब्रिटिश सरकार ने इस पूरे विवाद पर अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार का कहना है कि वह इस युद्ध में किसी भी हमलावर कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगी। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि उसके कदम केवल बचाव के लिए होंगे और वह इस जंग में बेवजह नहीं घसीटा जाएगा। इससे पहले 23 मार्च 2026 को भी ऐसी ही एक इमरजेंसी मीटिंग हुई थी जिसमें फाइनेंस मिनिस्टर Rachel Reeves और Bank of England के गवर्नर Andrew Bailey जैसे बड़े अधिकारी शामिल हुए थे।