ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में शामिल नहीं होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन पर काफी दबाव बनाया था, लेकिन स्टारमर ने इसे ब्रिटेन का युद्ध नहीं बताया। इस फैसले के बाद अब दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों और ट्रेड डील पर खतरा मंडराने लगा है।
Keir Starmer ने युद्ध में शामिल होने से क्यों मना किया?
प्रधानमंत्री Keir Starmer ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि वह ट्रंप की मांगों के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने साफ किया कि ईरान के साथ युद्ध ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में नहीं है। स्टारमर के मुताबिक, किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए एक कानूनी आधार और पूरी योजना का होना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने ट्रंप से Strait of Hormuz की नाकेबंदी खत्म करने की मांग की थी और 40 से ज्यादा देशों को शिपिंग सुरक्षा के लिए एकजुट किया था।
Donald Trump और ईरान का ताजा अपडेट क्या है?
राष्ट्रपति Donald Trump ने स्टारमर के इस फैसले की कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि वह यूके के साथ ट्रेड डील पर दोबारा विचार कर सकते हैं। दूसरी तरफ, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में युद्ध अब खत्म होने वाला है और अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह लागू हो चुकी है। ट्रंप ने यह भी कहा कि China अब ईरान को हथियार नहीं देगा, जिसके बदले में Strait of Hormuz को हमेशा के लिए खोला जाएगा।
ईरान की धमकी और दुनिया की स्थिति क्या है?
ईरान ने अमेरिका की नाकेबंदी के जवाब में खाड़ी और लाल सागर के व्यापारिक रास्तों को बंद करने की धमकी दी है। ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान के लिए 270 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग भी की है। वहीं, IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम बहुत बड़ा है और वहां निरीक्षकों का होना जरूरी है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है।
