ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 9 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में छिड़े युद्ध का असर ब्रिटेन के हर परिवार और व्यापार पर पड़ेगा। सरकार अब इस आर्थिक खतरे से निपटने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से दुनिया भर के बाज़ारों में डर का माहौल है।

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तेल और ईंधन की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई

ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल यानी Brent Crude की कीमत 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। ब्रिटेन में तेल की कीमतों का हाल नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं।

ईंधन का प्रकार नई कीमत (प्रति लीटर) कितनी बढ़ोतरी हुई
Petrol 137.5p 5p
Diesel 151p 9p

आने वाले दिनों में डीज़ल की कीमतें 160p तक जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। शेयर बाज़ार में भी भारी गिरावट देखी गई और लंदन का FTSE 100 इंडेक्स लगभग 2% तक नीचे गिर गया है।

ब्रिटिश सरकार और नागरिकों के लिए जारी अपडेट

G7 देशों के वित्त मंत्रियों ने इस आर्थिक संकट पर चर्चा करने के लिए मीटिंग की है। सरकार ने फिलहाल ‘एनर्जी प्राइस कैप’ के जरिए घरों को सुरक्षित रखा है लेकिन पेट्रोल पंप पर बढ़ती कीमतों को रोकना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही सरकार ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं।

  • सरकार ने मिडिल ईस्ट में रह रहे 300,000 ब्रिटिश नागरिकों को अपनी जानकारी रजिस्टर करने को कहा है।
  • ब्रिटेन की सेना केवल बचाव के काम में लगी है और वे किसी हमले में शामिल नहीं होंगे।
  • Typhoon जेट्स को कतर और साइप्रस में सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
  • बैंक ऑफ इंग्लैंड फिलहाल बढ़ती महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।