यूके (UK) ने 27 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और यमन में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर बातचीत की और सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए ब्रिटेन के मजबूत समर्थन का भरोसा दिलाया।
🚨: Saudi Arabia पर ड्रोन हमला: ईरान समर्थित मिलिशिया ने किया अटैक, सऊदी सुरक्षा बलों ने नाकाम की साजिश।
हमलों की जानकारी
सऊदी अरब की अरामको (Aramco) तेल सुविधाओं को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमलों के बाद यह बयान सामने आया है। इन हमलों में अबकैक (Abqaiq) में स्थित दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल स्थिरीकरण संयंत्र और ईस्ट-वेस्ट पंपिंग स्टेशन शामिल थे। यमन के हूती (Houthi) समूह ने सऊदी अरब के जजान रिफाइनरी और तेल टैंकरों पर भी हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती समूह का कहना है कि ये हमले सऊदी कार्रवाई के जवाब में किए गए हैं।
प्रशासन का रुख और सुरक्षा चेतावनी
यूके के विदेश मंत्रालय (FCDO) ने हमलों की निंदा करते हुए हूती समूह से हिंसा रोकने की अपील की है। एहतियात के तौर पर, 25 जुलाई 2026 को यूके ने सऊदी अरब के लिए यात्रा सलाह भी जारी की है। इसमें सऊदी-यमन सीमा के पास के इलाकों में सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए वहां न जाने की चेतावनी दी गई है। वहीं, यमन की ओर से इन हमलों को अपना आत्मरक्षा का अधिकार बताया जा रहा है।
