UK के बाजारों में सन्नाटा छा गया है और रिटेल सेल्स में भारी गिरावट आई है। ईरान युद्ध की वजह से बढ़ी महंगाई ने आम लोगों की जेब पर गहरा असर डाला है। CBI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 40 सालों में रिटेल बिक्री में ऐसी कमी पहले कभी नहीं देखी गई।

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रिटेल मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

Confederation of British Industry (CBI) के सर्वे के अनुसार, अप्रैल में रिटेल सेल्स वॉल्यूम घटकर -68 हो गया, जबकि मार्च में यह -52 था। यह 1983 के बाद का सबसे निचला स्तर है। CBI के लीड इकोनॉमिस्ट Martin Sartorius ने बताया कि ग्राहकों का भरोसा कम हुआ है और बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ईरान युद्ध के कारण ईंधन, भोजन और छुट्टियों के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोग अब कम खरीदारी कर रहे हैं।

अर्थव्यवस्था और महंगाई पर क्या असर हुआ?

Chief Secretary Darren Jones ने कन्फर्म किया है कि ईरान युद्ध का सबसे ज्यादा असर ऊर्जा, भोजन और यात्रा के खर्चों पर पड़ा है। मार्च तक महंगाई दर बढ़कर 3.3% हो गई है। इसके अलावा, ऑनलाइन शॉपिंग में भी जनवरी 2024 के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध रुकने के बाद भी इसका आर्थिक असर अगले 8 से 12 महीने तक बना रह सकता है। इस स्थिति की वजह से Bank of England अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

विवरण आंकड़ा/जानकारी
अप्रैल रिटेल सेल्स वॉल्यूम -68
मार्च रिटेल सेल्स वॉल्यूम -52
महंगाई दर (मार्च तक) 3.3%
आर्थिक असर की संभावित अवधि 8 से 12 महीने
सबसे निचला स्तर 1983 के बाद से
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.