ब्रिटेन सरकार ने ईरान के उन लोगों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है जो ब्रिटिश सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे। विदेश मंत्री Yvette Cooper ने इन नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है ताकि देश की सुरक्षा और मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनी रहे। यह कदम मुख्य रूप से अवैध पैसों के नेटवर्क को रोकने और सुरक्षा खतरों को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
किन लोगों और कंपनियों पर गिरी गाज?
ब्रिटेन ने Berelian Exchange, GCM Exchange और Zindashti Network जैसी कंपनियों की संपत्ति फ्रीज कर दी है और उनके डायरेक्टरों को अयोग्य घोषित कर दिया है। Zindashti Network पर आरोप है कि वह ईरान के खुफिया विभाग से जुड़ा है और ब्रिटेन में हमले करने की योजना बना रहा था।
- Zarringhalam परिवार: इस परिवार के पांच सदस्य—Farhad, Fazlolah, Mansour, Nasser और Pouria—पर ब्रिटेन को अस्थिर करने के लिए फंड देने के आरोप में पाबंदी लगाई गई है।
- अन्य व्यक्ति: तुर्की के Ekrem Oztunc, अजरबैजान के Namiq Salifov और ईरान के Nihat Abdul Kadir Asan को भी प्रतिबंधों की लिस्ट में रखा गया है।
ब्रिटेन ने यह बड़ा कदम क्यों उठाया?
विदेश मंत्री Yvette Cooper ने साफ किया कि ये प्रतिबंध उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो ब्रिटेन की सड़कों पर सुरक्षा और मिडिल ईस्ट की शांति को खतरा पहुंचाते हैं। सरकार का कहना है कि ईरान समर्थित आपराधिक गुटों और अवैध पैसों के लेन-देन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ब्रिटेन का एक मुख्य मकसद Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से सुरक्षित करना और बातचीत के जरिए दीर्घकालिक समाधान निकालना है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2022 से अब तक ब्रिटेन ने ईरान समर्थित 20 से ज्यादा ऐसी साजिशों को नाकाम किया है जिनसे ब्रिटिश नागरिकों की जान को खतरा था। फिलहाल 550 से ज्यादा ईरानी व्यक्तियों और संगठनों पर ब्रिटिश प्रतिबंध लागू हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ब्रिटेन ने कुल कितने ईरान समर्थित लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाए हैं?
वर्तमान में 550 से ज्यादा ईरानी व्यक्तियों और संगठनों पर ब्रिटिश प्रतिबंध लागू हैं, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) भी शामिल है।
इन नए प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इनका उद्देश्य अवैध वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना, विदेशी धरती पर विरोधियों पर हमलों को रोकना और ब्रिटिश राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
