UK के विदेश मंत्रालय FCDO ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को ईरान से अपने राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुलाने का ऐलान किया है। सरकार ने इस कदम के पीछे देश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को मुख्य कारण बताया है। अब ब्रिटेन का दूतावास वहां से दूर रहकर ही काम करेगा और इसे एहतियाती उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
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ब्रिटिश नागरिकों को चेतावनी
ब्रिटिश सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। जो ब्रिटिश नागरिक या दोहरी नागरिकता वाले लोग अभी ईरान में मौजूद हैं, उन्हें वहां रहने के फैसले पर फिर से विचार करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय के अनुसार, वहां गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने का खतरा बहुत ज्यादा है। केवल ब्रिटिश पासपोर्ट पास होने या UK से संबंध होने मात्र से ही ईरानी प्रशासन किसी को हिरासत में ले सकता है। इसके अलावा, इमरजेंसी की स्थिति में भी दूतावास की ओर से व्यक्तिगत सहायता मिल पाना अब मुमकिन नहीं होगा।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य गतिविधियां
मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव के कारण स्थिति बेहद अनिश्चित बनी हुई है। 8 जुलाई 2026 के बाद से क्षेत्र में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई देखी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र का बुनियादी ढांचा खतरे में पड़ सकता है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने भी सुरक्षा बैठक के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में ब्रिटिश सैन्य ठिकानों Diego Garcia और RAF Fairford के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। पूरे इलाके में उड़ानों के रद्द होने और हवाई क्षेत्र के बंद होने की संभावना है।
