होर्मुज और बाब अल-मandeb जलडमरूमध्य में कम हुआ जहाजों का आना-जाना, UKMTO ने दी जानकारी.

समुद्री व्यापार और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ कॉमर्शियल जहाजों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई है। United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मandeb जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों का ट्रैफिक काफी कम स्तर पर बना हुआ है। पिछले 48 घंटों के दौरान रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के मुताबिक इन दोनों ही दिशाओं में जहाजों की संख्या केवल सिंगल-डिजिट में ही सिमट कर रह गई है। इस पूरी स्थिति के पीछे अधिकारियों का ऐसा मानना है कि ईरान की तरफ से क्षेत्र में लगातार मजबूत सुरक्षा मौजूदगी बनाए रखी जा रही है, जिसका सीधा असर कमर्शियल नेविगेशन पर पड़ रहा है और लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।
सुरक्षा चुनौतियां और ईरान के नए कदम
भले ही UKMTO की तरफ से पिछले 48 घंटों में किसी भी तरह के सीधे हमले या पक्के तौर पर दखल की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन धमकियों और परेशानियों का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। ईरान की सेनाओं द्वारा मर्चेंट जहाजों के ऊपर ड्रोन उड़ाने और उन पर लगातार नजर रखने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस समुद्री रास्ते को और ज्यादा जटिल बनाते हुए ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमेटी ने एक प्रावधान को आगे बढ़ाया है। इस प्रावधान के तहत फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़ी कार्य योजना के अंतर्गत तेहरान सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह चुनिंदा देशों के जहाजों से इस रास्ते से गुजरने पर भारी फीस वसूल सके।
लाल सागर और यमन की स्थिति का असर
लाल सागर और बाब अल-मandeb में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर अभी भी पूरी तरह से रोक लगी हुई है। यह स्थिति तब से बनी हुई है जब यमन के हूती समूह ने, जो कि ईरान का समर्थन प्राप्त गुट है, सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए गत 20 जुलाई को एक नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी थी। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी USCENTCOM द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ नाकाबंदी को लागू करने की कार्रवाई के दौरान कुल 70 व्यावसायिक जहाजों को दूसरे रास्ते पर भेजा है, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की कार्रवाई की है।
समुद्री डकैती और अंतरराष्ट्रीय निगरानी
क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी समुद्री सुरक्षा काफी ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है। गत 21 अगस्त 2026 को छह सशस्त्र लोगों ने अदन की खाड़ी में एक टैंकर को हाईजैक कर लिया और उस जहाज को सोमालिया की तरफ मोड़ कर ले गए। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय अस्थिरता के माहौल में सोमाली समुद्री डकैती के फिर से सिर उठाने को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन यानी IMO इन सभी मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और इसके महासचिव ने लाल सागर में हुए हमलों की निंदा करते हुए एक औपचारिक बयान भी जारी किया है। ये तमाम कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2812 के तहत तय की गई रिपोर्टिंग जरूरतों के मुताबिक हैं, जिसे इस साल 14 जनवरी 2026 को अपनाया गया था और जो मर्चेंट शिपिंग में हूती दखल को लेकर नियमित अपडेट देने का निर्देश देता है।