यूक्रेन का खाड़ी देशों के साथ सुरक्षा समझौता, ओमान, कुवैत और बहरीन को मिलेगी ईरानी ड्रोन से सुरक्षा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने ओमान, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात कही है. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए तकनीक और अपनी विशेषज्ञता साझा करना है. यूक्रेन पहले ही अपने एक्सपर्ट्स को मिडिल ईस्ट भेज चुका है ताकि वहां के देशों की सुरक्षा क्षमता को मजबूत किया जा सके.
यूक्रेन और खाड़ी देशों के बीच सुरक्षा समझौते की मुख्य बातें
यूक्रेन ने मार्च 2026 में मध्य पूर्व के देशों में अपने 200 से ज्यादा ड्रोन-रक्षा विशेषज्ञों को तैनात करना शुरू किया था. राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने 26 मार्च 2026 को सऊदी अरब का दौरा किया और वहां “आकाश की सुरक्षा” के लिए एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर किए. यूक्रेन इन देशों को अपने इंटरसेप्टर ड्रोन देने को तैयार है, लेकिन बदले में वह रूस के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए मिसाइल रक्षा प्रणालियों की मांग कर रहा है.
ड्रोन हमलों का खतरा और यूक्रेन की क्षमता
हाल ही में 3 अप्रैल 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना पर ड्रोन हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी कि ड्रोन हमलों से ऊर्जा केंद्रों और जल शोधन संयंत्रों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है. यूक्रेन की ड्रोन उत्पादन क्षमता काफी अधिक है और वह अपने सहयोगियों की मदद कर सकता है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तैनात विशेषज्ञ | 201 विशेषज्ञ (34 और तैयार) |
| सहयोग करने वाले देश | ओमान, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, UAE, कतर, जॉर्डन और इराक |
| ड्रोन उत्पादन क्षमता | प्रतिदिन 2,000 इंटरसेप्टर |
| सहयोगियों को आपूर्ति | प्रतिदिन 1,000 इंटरसेप्टर |
| मुख्य लक्ष्य | ईरानी शाहेद ड्रोन से बचाव |
| अन्य समझौते | तेल और डीजल की सप्लाई |
| प्रमुख घटना | 26 मार्च 2026 को सऊदी अरब दौरा |




