यूक्रेन और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए 28 जुलाई 2026 को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई। यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। यह बातचीत 25 जुलाई को कैस्पियन सागर में एक ईरानी जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद हुई है।
हमले के पीछे का कारण और ईरान की मांग
ईरान का कहना है कि जिस जहाज Ana पर हमला हुआ, वह रूस के Astrakhan Port से ईरान के Anzali Port तक स्टील ले जा रहा था। इस घटना में 23 वर्षीय नाविक Nima Moradi की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है और हमले में हुए नुकसान के लिए restitution यानी भरपाई की मांग की है। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख Ebrahim Azizi ने चेतावनी दी कि ईरान अपनी कार्रवाई का जवाब जरूर देगा।
यूक्रेन का पक्ष
यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha ने इसे एक अनजाने में हुई गलती बताया और कहा कि यूक्रेन तनाव नहीं चाहता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने पुष्टि की कि उन्होंने 25 जुलाई को सैन्य सामान ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया था। यूक्रेन का दावा है कि यह जहाज रूस के लिए ड्रोन और मिसाइल के पुर्जे ले जा रहा था, इसलिए यह एक वैध सैन्य लक्ष्य था। यूक्रेन ने ईरान से रूस को युद्ध में मदद न करने की अपील की है और कहा है कि रूस ही इन सभी घटनाओं की मुख्य वजह है।
