यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल बनाने में मदद करेगा ब्रिटेन, रूस ने दी कड़ी चेतावनी

Sushma Kumari24 August 20263 min read46 viewsWorld
यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल बनाने में मदद करेगा ब्रिटेन, रूस ने दी कड़ी चेतावनी

ब्रिटेन ने यूक्रेन की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने रक्षा कंपनी MBDA को लंबी दूरी की SCALP मिसाइल से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और तकनीकी जानकारी साझा करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन की धरती पर ही इन घातक मिसाइलों की स्थानीय असेंबली लाइन तैयार करना है, ताकि युद्ध के मैदान में कीव को हथियारों की कमी का सामना न करना पड़े।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यूक्रेन यात्रा और बड़ा ऐलान

रूस के सरकारी नेटवर्क RT के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सोमवार को यूक्रेन की अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के दौरान इस समर्थन का खुलकर ऐलान किया। यह महत्वपूर्ण दौरा यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हो रहा है। अपनी इस यात्रा के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और 'कोएलिशन ऑफ द विंग' की बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। ब्रिटिश सरकार का यह साफ कहना है कि यूक्रेन की सुरक्षा को सीधे तौर पर ब्रिटेन की सुरक्षा से जोड़ा गया है और जरूरत पड़ने तक लंदन पूरी मजबूती के साथ कीव के साथ खड़ा रहेगा।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

क्या है SCALP और स्टॉर्म शैडो मिसाइल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि SCALP मूल रूप से फ्रांस में बनाई जाने वाली एक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है। वहीं ब्रिटेन में इसी श्रेणी की मिसाइल को Storm Shadow के नाम से जाना जाता है। इन दोनों ही आधुनिक मिसाइलों को बनाने में ब्रिटिश और फ्रांसीसी तकनीक का संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया जाता है। ब्रिटिश सरकार के अधिकारियों का मानना है कि अब गोपनीय तकनीकी डेटा मिलने से फ्रांस और यूक्रेन को यूक्रेनी जमीन पर ही इन मिसाइलों को तैयार करने में बहुत आसानी होगी। यह पूरा कदम ब्रिटेन के प्रोजेक्ट ब्रेकस्टॉप का एक अहम हिस्सा है, जिसके तहत यूक्रेन के लिए कम लागत वाली आधुनिक लंबी दूरी की मारक क्षमता विकसित की जा रही है।

रूस की कड़ी चेतावनी और बढ़ता तनाव

ब्रिटेन के इस ताजा फैसले के बाद लंदन और मॉस्को के बीच कूटनीतिक तनाव और ज्यादा बढ़ने की पूरी आशंका है। रूस पहले भी लगातार ब्रिटेन पर यह गंभीर आरोप लगाता रहा है कि वह यूक्रेन को रूसी सीमा के भीतर बहुत अंदर तक हमला करने में सीधी मदद कर रहा है। मॉस्को ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यूक्रेन को हथियार और तकनीकी सहायता देने में ब्रिटेन की भूमिका जितनी अधिक बढ़ेगी, उसे उतने ही गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी साफ शब्दों में कहा है कि रूस के खिलाफ होने वाले हमलों में यदि ब्रिटिश हथियारों या तकनीक का सीधा इस्तेमाल होता है, तो रूस इसे सीधे तौर पर युद्ध में ब्रिटेन की सीधी भागीदारी मानेगा।

यूक्रेन की नई रक्षा रणनीति

मौजूदा समय में यूक्रेन और उसके तमाम यूरोपीय सहयोगी देश अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वे हर बात के लिए केवल विदेशी हथियारों की सप्लाई पर निर्भर न रहें। इसी रणनीति के तहत देश के भीतर ही रक्षा उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि युद्ध के समय किसी प्रकार की बाधा न आए। स्कैल्प मिसाइल की स्थानीय असेंबली इसी रणनीति का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। ब्रिटेन के इस फैसले से जहां एक तरफ यूक्रेन की लंबी दूरी की मारक क्षमता मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ यूरोपीय रक्षा उद्योगों के बीच आपसी सहयोग भी बढ़ेगा। हालांकि, इसके कारण रूस के साथ पहले से ही खराब और तनावपूर्ण रिश्तों पर और अधिक दबाव पड़ना तय माना जा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment