Ukraine ने रूस की तेल कमाई पर फेरा पानी, ईरान युद्ध से 100 डॉलर के पार गया दाम, रूस को अरबों का नुकसान
यूक्रेन ने रूस के तेल पोर्ट और रिफाइनरियों पर बड़े हमले किए हैं। इस वजह से रूस को तेल बेचकर होने वाली भारी कमाई का बड़ा हिस्सा नहीं मिल पाया। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने दुनिया भर में तेल की कीमतों को 100 डॉलर के पार पहुंचा दिया है, जिससे बाजार में उथल-पुथल मची रही।
यूक्रेन के हमलों से रूस को कितना नुकसान हुआ?
रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर यूक्रेन ने 21 मार्च 2026 से अपने हमले तेज कर दिए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने बताया कि सिर्फ मार्च के महीने में रूस को तेल की कमाई में करीब 2.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी और नॉर्वे को चेतावनी दी है कि वे यूक्रेन के ड्रोन बनाने में मदद न करें, वरना इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं।
ईरान युद्ध और तेल की कीमतों का क्या कनेक्शन है?
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमला शुरू किया था। इस युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो गया, जो दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता है। इस वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। रूस इस बढ़े हुए दाम का फायदा उठाना चाहता था, लेकिन यूक्रेन के हमलों ने उसकी योजना बिगाड़ दी।
अमेरिका और ईरान के बीच अब क्या स्थिति है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उन्होंने चार हफ्ते में ईरानी सेना को काफी नुकसान पहुंचाया है और अब वह ईरान के साथ एक स्थायी समझौता कर सकते हैं। उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का कहना है कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है, जिससे शांति बातचीत में दिक्कत आ रही है। अमेरिका ने दुनिया में तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए रूस पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है।