बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों की हालत काफी खराब होती जा रही है। अब संयुक्त राष्ट्र (UN) और उसके पार्टनर्स ने बांग्लादेश सरकार के साथ मिलकर 710.5 मिलियन डॉलर की मदद मांगी है। यह पैसा कॉक्स बाजार के कैंपों और भसान चार में रह रहे शरणार्थियों के साथ-साथ वहां के स्थानीय लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए मांगा गया है।

710.5 मिलियन डॉलर की मदद का पैसा कहाँ खर्च होगा?

UN ने इस बार बजट को कम करके सिर्फ सबसे जरूरी कामों के लिए पैसा मांगा है। यह बजट पिछले साल के मुकाबले 26% कम है। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से लोगों को जिंदा रखने और उनकी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाएगा। खर्च का पूरा ब्यौरा नीचे टेबल में दिया गया है:

जरूरत का क्षेत्र बजट (मिलियन डॉलर में)
खाना और राशन 247.3
रहने की जगह (शेल्टर) 128
पानी, सफाई और हाइजीन 61.2
शिक्षा (Education) 52.7
स्वास्थ्य सेवा (Health) 49.9
रोजगार और कौशल विकास 35.1
स्थानीय समुदायों के लिए मदद 36.2

बांग्लादेश सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा?

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने दुनिया के अमीर देशों से मदद की अपील की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की तरफ से मिलने वाले बजट में 50% की कमी आई है, जिससे अब हालात और मुश्किल हो गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि बांग्लादेश अकेला इस भारी बोझ को नहीं उठा सकता।

UNHCR की डिप्टी हाई कमिश्नर केली टी. क्लेमेंट्स ने कहा कि जब तक शरणार्थियों की म्यांमार में सुरक्षित वापसी नहीं होती, तब तक अंतरराष्ट्रीय मदद बहुत जरूरी है। वहीं, UN Women ने चेतावनी दी कि फंड की कमी से कैंपों में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा और हालात और भी खराब हो रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना का लक्ष्य करीब 1.56 मिलियन लोगों तक मदद पहुँचाना है। इसमें 1.2 मिलियन रोहिंग्या शरणार्थी और 346,000 स्थानीय बांग्लादेशी शामिल हैं। म्यांमार के रखाइन राज्य में बढ़ती हिंसा की वजह से साल 2024 की शुरुआत से अब तक करीब 1.5 लाख नए शरणार्थी बांग्लादेश आ चुके हैं, जिससे संसाधनों पर दबाव और बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UN ने रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए कितनी राशि की मांग की है?

संयुक्त राष्ट्र और उसके पार्टनर्स ने बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों और स्थानीय समुदायों की मदद के लिए 710.5 मिलियन डॉलर की अपील की है।

इस फंड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किस काम के लिए होगा?

इस फंड का सबसे बड़ा हिस्सा 247.3 मिलियन डॉलर सिर्फ खाने और राशन की मदद पहुँचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

बांग्लादेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद क्यों मांगी?

बांग्लादेश के गृह मंत्री के मुताबिक अमेरिका ने अपने बजट में 50% की कटौती की है और म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों की संख्या बढ़ रही है, जिसे संभालना अब मुश्किल हो रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.