UN Secretary-General António Guterres और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच 2 जुलाई 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में चल रही उथल-पुथल और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब इस इलाके में तनाव काफी बढ़ा हुआ है।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि बातचीत की शुरुआत में Secretary-General Guterres ने ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के निधन पर दुख जताया और ईरान की सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद दोनों के बीच Strait of Hormuz की स्थिति और लेबनान फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने पर बात हुई। इसमें इसराइल और हिजबुल्ला के बीच चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की गई।

बातचीत के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक समझौते (MOU) की समीक्षा की गई। साथ ही इस्लामाबाद की मध्यस्थता में हुए समझौते को लागू करने के प्रयासों और लेबनान में तनाव कम करने तथा खाड़ी देशों की समुद्री सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।

विदेश मंत्री Araghchi ने अमेरिका और इसराइल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि केवल ईरान को संयम बरतने के लिए कहना एकतरफा है क्योंकि इस संघर्ष को अमेरिका ने इसराइल के साथ मिलकर शुरू किया और बढ़ाया है। Araghchi ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz में असुरक्षा का कारण अमेरिका और ‘ज़ायोनिस्ट शासन’ की आक्रामकता है, और दुश्मन से जुड़े जहाजों को रोकना ईरान का कानूनी हक है।

दूसरी तरफ, UN चीफ Guterres ने कहा कि हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में जारी युद्ध और खून-खराबे पर गहरी चिंता जताई। इस संकट को सुलझाने के लिए Guterres ने Jean Arnault को मिडिल ईस्ट मामलों के लिए अपना विशेष दूत (Special Envoy) नियुक्त किया है, जो सीधे तौर पर ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.