Strait of Hormuz में बढ़ा तनाव, UN चीफ ने जताई चिंता, जहाज़ों के रास्ते को लेकर मची है अफरातफरी

Strait of Hormuz में जहाज़ों की आवाजाही को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। UN चीफ Antonio Guterres ने इस इलाके में लगी पाबंदियों पर अपनी परेशानी जताई है। उन्होंने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को पूरी तरह खोला जाए ताकि व्यापार और सुरक्षा बनी रहे। इस तनाव की वजह से करीब 20,000 नाविक बीच समुद्र में जहाज़ों पर ही फंसे हुए हैं और मुश्किल समय काट रहे हैं।

Strait of Hormuz में क्या हो रहा है और क्यों है उलझन?

ईरान ने 17 अप्रैल को ऐलान किया था कि वह सभी कमर्शियल जहाज़ों के लिए रास्ता खोल रहा है, लेकिन यह सिर्फ 22 अप्रैल तक के सीज़फायर के लिए था। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कह दिया कि उनका नेवल ब्लॉकेड पूरी तरह लागू रहेगा। इन अलग-अलग बयानों की वजह से अब यह समझ नहीं आ रहा है कि रास्ता असल में खुला है या बंद। UN प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने बताया कि इस स्थिति को लेकर काफी कन्फ्यूजन है।

इस विवाद का दुनिया और नाविकों पर क्या असर है?

इस तनाव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और कई सेक्टरों में असुरक्षा बढ़ गई है। चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को रोक दिया था जिससे इस रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सकता था। फ्रांस और यूके के नेताओं ने रास्ता खोलने की बात का स्वागत किया है और अब वे समुद्री सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन लाने की योजना बना रहे हैं। पाकिस्तान इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।

विवाद में शामिल मुख्य देश और उनकी स्थिति

देश/संस्था भूमिका और वर्तमान स्थिति
United Nations Antonio Guterres ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री अधिकारों की बहाली की मांग की है।
ईरान रास्ता रोकने में शामिल था, अब 22 अप्रैल तक कमर्शियल जहाज़ों के लिए रास्ता खोलने का दावा किया।
अमेरिका नेवल ब्लॉकेड लगाया है और कहा है कि यह पूरी तरह लागू रहेगा।
इसराइल अमेरिका के साथ मिलकर अभियान चला रहा है जिससे तनाव बढ़ा है।
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति talks के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
फ्रांस और यूके समुद्री सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
चीन और रूस सुरक्षा परिषद के उस ड्राफ्ट को वीटो कर दिया जिससे रास्ता सुरक्षित हो सकता था।
Gulf States सुरक्षा परिषद में रास्ता सुरक्षित करने का प्रस्ताव पेश किया था।