दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई लाइन यानी Strait of Hormuz को लेकर बड़ी खबर आई है। UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने इसे तुरंत खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह रास्ता नहीं खुला तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है, जिससे आम लोगों के लिए गरीबी और भूख जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
Strait of Hormuz बंद होने से आम जनता पर क्या असर होगा?
UN चीफ ने न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की बैठक में बताया कि इस जलमार्ग के बंद होने से तेल, गैस और खाद जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई रुक गई है। इसका सीधा असर दुनिया भर के ऊर्जा, ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने के बाजारों पर पड़ रहा है।
- आर्थिक मंदी: गुटेरेस ने कहा कि यह स्थिति ग्लोबल इकोनॉमी का गला घोंट रही है और इससे दुनिया में मंदी आ सकती है।
- फंसे हुए लोग: IMO चीफ आर्सेनिओ डोमिंगुएज़ के अनुसार, करीब 20,000 नाविक और 2,000 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
- महंगाई: जरूरी सामानों की कमी होने से पूरी दुनिया में कीमतों के बढ़ने का खतरा है।
UN का नियम और ईरान का क्या कहना है?
UN सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च 2026 को प्रस्ताव 2817 पास किया था। इस प्रस्ताव में ईरान द्वारा गल्फ देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों की निंदा की गई थी। इसमें साफ कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में रास्ता रोकना शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
दूसरी तरफ, ईरान के रुख में कोई नरमी नहीं दिखी है। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि Strait of Hormuz पर उनका नियंत्रण रहेगा ताकि इलाके से अमेरिकी दखल खत्म हो सके। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर मो जतबा खामनेई ने अमेरिका को करारा जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका की जगह समुद्र की गहराई में है और ईरान अपनी मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करेगा।
रास्ता खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कोशिशें हो रही हैं?
इस गंभीर संकट को सुलझाने के लिए कई देश कोशिश कर रहे हैं। फ्रांस और ब्रिटेन ने एक संयुक्त पहल की है, जिसके तहत एक स्वतंत्र मिशन बनाया जाएगा जो कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा करेगा और समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम करेगा।
पाकिस्तान भी इस मामले में बीच-बचाव कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि वे अमेरिका और ईरान दोनों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि पश्चिम एशिया में युद्ध को खत्म किया जा सके और शांति बहाल हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UN सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2817 क्या है?
यह प्रस्ताव 11 मार्च 2026 को अपनाया गया था, जिसमें ईरान द्वारा गल्फ देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE) और जॉर्डन पर किए गए हमलों की निंदा की गई थी और रास्ता खोलने की मांग की गई थी।
Strait of Hormuz के बंद होने से कितने जहाज और नाविक प्रभावित हुए हैं?
IMO की रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 2,000 जहाज और 20,000 नाविक फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग और व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।