संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया पर हुए इजरायली हमलों की की कड़ी निंदा, कहा क्षेत्रीय शांति के लिए है खतरनाक.

संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया में हुए हालिया सैन्य हमलों को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने हाल ही में हुए इजरायली हवाई हमलों की तीखी आलोचना करते हुए इसे देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाईयों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए ताकि क्षेत्र में तनाव और अधिक न बढ़े। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हवाई अड्डे को बनाया गया निशाना
उत्तरपश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित Abu al-Duhur Military Airbase को इन हमलों में मुख्य रूप से निशाना बनाया गया था। सीरियाई सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को सुबह के समय अज्ञात विमानों द्वारा चार अलग-अलग हवाई घुसपैठ की गईं, जिनके कारण हवाई अड्डे के रनवे को भारी नुकसान पहुंचा। सीरियाई प्रशासन ने इस घटना को एक अनधिकृत आक्रामकता बताते हुए देश की क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा प्रहार करार दिया है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस पूरी घटना को हिंसा में एक खतरनाक बढ़ोतरी के रूप में देखा है और इसकी औपचारिक शिकायत संयुक्त राष्ट्र तथा सुरक्षा परिषद में दर्ज कराई है। इसके अलावा, तुर्की ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इजरायल पर सीरियाई बुनियादी ढांचे को लापरवाही से निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
इजरायल का पक्ष और अन्य क्षेत्रीय अपडेट
दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने सीधे तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी तो नहीं ली, लेकिन क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों का बचाव जरूर किया। प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उन्होंने सीरिया को अलेप्पो के पास एक एयरबेस पर तुर्की के सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने के खिलाफ पहले ही कई बार चेतावनी दी थी, क्योंकि ऐसी गतिविधियां उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी QNA के माध्यम से सामने आई है, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा हालातों का जिक्र किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि दक्षिणी लेबनान में तैनात UNIFIL शांति सैनिकों को अपनी गतिशीलता बनाए रखने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां लगातार सैन्य गतिविधियां जारी हैं। इसके अलावा, गाजा पट्टी में नागरिकों के जीवन पर हवाई हमलों और गोलाबारी के पड़ रहे मानवीय प्रभावों को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई है, विशेषकर 'येलो लाइन' के पश्चिमी हिस्सों में रहने वाले आम लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।