संयुक्त राष्ट्र ने की इसराइल की कड़ी निंदा, क़alandiya ट्रेनिंग सेंटर में जबरन घुसने पर भड़का UN

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने इसराइली अधिकारियों द्वारा कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम स्थित UNRWA कलंदिया ट्रेनिंग सेंटर में बिना अनुमति घुसने की कड़ी निंदा की है। यह घटना पिछले महीने 25 अगस्त 2026 को हुई थी, जब लगभग 50 सुरक्षाकर्मी और कम से कम चार बख्तरबंद गाड़ियां स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10:00 बजे इस परिसर में पहुंच गईं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने इस उल्लंघन की पुष्टि की है और बताया कि मई 2026 के बाद से इस तरह की यह पांचवीं घटना सामने आई है।
परिसर में अवैध काम और झंडा फहराने का मामला
इस छापेमारी के दौरान इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir भी वहां मौजूद थे। सुरक्षा बलों ने परिसर के अंदर बिना अनुमति के काम किया और पास ही मौजूद कलंदिया चेकपॉइंट को भी बंद कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब परिसर के अंदर करीब 20 UNRWA कर्मचारी मौजूद थे, तब वहां के प्रांगण में इसराइली झंडा भी फहराया गया। यरुशलम नगर पालिका ने इस जमीन पर एक नया शैक्षणिक परिसर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इसराइली विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह जमीन साल 1937 से यहूदी नेशनल फंड के स्वामित्व में है और उन्होंने अक्टूबर 2024 के उस कानून का हवाला दिया जो UNRWA की गतिविधियों पर रोक लगाता है।
संयुक्त राष्ट्र की कड़ी चेतावनी और मांग
महासचिव Guterres ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पिछले 70 से अधिक वर्षों से इस केंद्र द्वारा युवा फलस्तीनियों को दी जा रही व्यावसायिक शिक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने इसराइल सरकार से तुरंत इस जगह को खाली करने और परिसर को वापस संयुक्त राष्ट्र को सौंपने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यह केंद्र, जो साल 1952 से जॉर्डन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जमीन पर चल रहा है, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और उसके विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों के कन्वेंशन के तहत सुरक्षित है।
अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील
UNRWA ने अपनी सुविधाओं की सुरक्षा के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है, क्योंकि उनका मानना है कि ये परिसर पूरी तरह से सुरक्षित और उल्लंघन से परे हैं। इस बीच, फलस्तीनी प्रेसीडेंसी ने इसराइली घुसपैठ के खिलाफ बाध्यकारी उपाय की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक तत्काल सत्र का अनुरोध किया है। यह घटना इस केंद्र के दौरे के ठीक एक दिन बाद हुई जब 25 से अधिक diplomatic missions के प्रतिनिधियों ने यहां का दौरा किया था। यह पूरा मामला जुलाई 2024 के उस अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले से भी जुड़ा है जिसमें वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर इसराइल के कब्जे को गैरकानूनी करार दिया गया था।