संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल की धमकी की निंदा की, गाज़ा के बच्चों द्वारा पतंग उड़ाने पर लोगों को निकालने की चेतावनी पर जताई चिंता।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इसराइली अधिकारियों द्वारा गाज़ा पट्टी के उन इलाकों से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने की धमकी की कड़ी निंदा की है, जहां बच्चों को पतंग उड़ाते हुए देखा गया था। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चिंता जताई जा रही है क्योंकि मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि बच्चों के खेल को लेकर इस तरह की बड़ी सजा देना किसी भी नियम के दायरे में नहीं आता है और यह सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करता है।
मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को यूएन की प्रवक्ता रविना शामदासानी ने वरिष्ठ इसराइली नेतृत्व की इस भाषा को बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की धमकियां अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और मानवीय कानून की पूरी तरह से अनदेखी करती हैं। शामदासानी ने यह भी चेतावनी दी कि इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करने से हिंसा और अधिक बढ़ सकती है जो गंभीर अपराधों की श्रेणी में आ सकती है।
इसराइल और हमास के बीच क्या है पूरा विवाद
यह पूरा विवाद रविवार, 23 अगस्त 2026 को इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ द्वारा जारी की गई एक संयुक्त चेतावनी के बाद शुरू हुआ। इन अधिकारियों ने हमास को स्पष्ट रूप से सूचित किया था कि यदि इसराइली क्षेत्र की तरफ पतंग, ड्रोन या गुब्बारों को छोड़ना तुरंत बंद नहीं किया गया, तो इसराइली रक्षा बल यानी आईडीएफ अपने हमलों को और तेज कर देगा और उन इलाकों की पूरी आबादी को वहां से हटा देगा जहां से ये चीजें छोड़ी जा रही हैं। इसराइली सैन्य रिपोर्टों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सीमावर्ती इलाकों में लगभग 10 पतंगें पाई गईं, हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि उनमें से किसी में भी विस्फोटक सामग्री नहीं थी। सैन्य जांचकर्ता इस बात का आकलन कर रहे हैं कि क्या हमास इस गतिविधि का इस्तेमाल इसराइल की प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच करने के लिए कर रहा है।
बोर्ड ऑफ पीस और हमास की प्रतिक्रिया
इसी बीच, गाज़ा युद्धविराम की देखरेख करने वाले अमेरिका के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को एक निर्देश जारी किया जिसमें सभी आतंकवादी गतिविधियों को तुरंत रोकने का आदेश दिया गया। इस निर्देश में विशेष रूप से पतंग उड़ाने को एक प्रतिबंधित कार्य के रूप में वर्गीकृत किया गया। बोर्ड का कहना था कि हालांकि इसराइल को भी युद्धविराम की शर्तों का पालन करना चाहिए, लेकिन सैन्य कार्रवाई केवल वास्तविक और आसन्न खतरों तक ही सीमित होनी चाहिए। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी आप QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
दूसरी ओर, हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासेम नईम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चों की सामान्य गतिविधियों को सशस्त्र अभियानों के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है, जबकि इसराइल लगातार रोजाना हमले कर रहा है। हमास ने पतंग उड़ाने की इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने से आधिकारिक तौर पर इनकार किया है और कहा है कि यह सब उन बच्चों का काम है जो गाज़ा पट्टी के मलबे के बीच सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। इस बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए, स्थानीय समितियों ने हमास के अधिकारियों के साथ मिलकर सोमवार, 24 अगस्त 2026 को गाज़ा के माता-पिता के लिए चेतावनी जारी की थी जिसमें उनसे आग्रह किया गया कि वे अपने बच्चों को पतंग उड़ाने से रोकें ताकि किसी प्रकार की बड़ी मुसीबत से बचा जा सके।