Strait of Hormuz में तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने एक कार्गो जहाज पर हमला किया है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हजारों नाविकों को वहां से निकालने के अपने मिशन को फिलहाल रोक दिया है. इस हमले की वजह से समुद्र में फंसे नाविकों की सुरक्षा पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
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Singapore के जहाज पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक 25 जून 2026 को Singapore के झंडे वाले ‘Ever Lovely’ नाम के कार्गो जहाज पर हमला हुआ. यह जहाज Oman के Dahit इलाके से करीब 7.5 समुद्री मील दूर था. इस हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान नहीं गई और समुद्र में कोई प्रदूषण भी नहीं फैला.
अमेरिका ने ईरान पर लगाया आरोप
अमेरिका के दो अधिकारियों ने कहा है कि यह हमला ईरान ने किया है. एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था. इस घटना के बाद IMO (इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन) के महासचिव Arsenio Dominguez ने बचाव अभियान को रोक दिया है. उन्होंने कहा कि वे अब यह जांच करेंगे कि क्या जहाजों की सुरक्षा के लिए दिए गए गारंटी वाले इंतजाम अब भी सही हैं या नहीं.
क्या था बचाव प्लान
UN ने फरवरी में शुरू हुए ‘ईरान युद्ध’ के बाद फंसे हुए हजारों नाविकों और सैकड़ों जहाजों को बाहर निकालने के लिए एक प्लान बनाया था. इसमें दो रास्ते तय किए गए थे. एक उत्तरी रास्ता जो ईरान के इलाके से जाता था और दूसरा दक्षिणी रास्ता जो Oman के इलाके से था और जिस पर अमेरिका की निगरानी थी. यह प्लान 23 या 24 जून के आसपास शुरू किया गया था.
ईरान और अमेरिका की तकरार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने साफ कह दिया है कि Strait of Hormuz से केवल उन्हीं रास्तों पर जाने दिया जाएगा जिन्हें ईरान तय करेगा. उन्होंने UN द्वारा बनाए गए नए रास्तों को खतरनाक बताया है. दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने जहाजों का रास्ता रोका या समझौते का पालन नहीं किया, तो अमेरिका कड़ा कदम उठा सकता है.
बता दें कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत 60 दिनों तक जहाजों को बिना किसी टोल के सुरक्षित रास्ता देने की बात कही गई थी. लेकिन इस हमले ने उस शांति को खत्म कर दिया है.
