United Nations (UN) ने इसराइल से दो सहायता कार्यकर्ताओं Saif Abu Keshek और Thiago Avila को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने को कहा है। इन दोनों को पिछले हफ्ते इसराइल ने पकड़ा था। UN ने जेल में उनके साथ हुई गंभीर बदसलूकी की जांच करने की भी माँग की है।

कौन हैं ये कार्यकर्ता और उनके साथ क्या हुआ

  • Saif Abu Keshek: ये स्पेन के नागरिक हैं और फिलिस्तीन मूल के हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हाथ बाँधकर और आँखों पर पट्टी बाँधकर रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई जिससे उनके शरीर पर निशान पड़ गए।
  • Thiago Avila: ये ब्राजील के नागरिक हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इसराइली सेना ने इतना बुरी तरह पीटा कि वो दो बार बेहोश हो गए।
  • इन दोनों कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने के लिए Ashkelon जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

UN और अन्य देशों का इसराइल पर क्या कहना है

UN Human Rights Office के प्रवक्ता Thameen Al-Kheetan ने कहा कि गाज़ा के लोगों के लिए मानवीय मदद पहुँचाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने इसराइल से मनमाने तरीके से लोगों को हिरासत में लेना और आतंकवाद के कानूनों का गलत इस्तेमाल बंद करने को कहा। स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sanchez ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि इसराइल ने विदेशी नागरिकों का अपहरण किया है। ब्राजील सरकार ने भी इस कदम का विरोध किया है।

इसराइल का दावा और कोर्ट का फैसला

इसराइल के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये दोनों लोग Popular Conference for Palestinians Abroad (PCPA) से जुड़े हैं। अमेरिका और इसराइल इस ग्रुप को प्रतिबंधित मानते हैं और वाशिंगटन का कहना है कि इसे हमास नियंत्रित करता है। इसराइल ने इस सहायता मिशन को एक उकसावा बताया है। हाल ही में एक कोर्ट ने उनकी रिहाई की अपील खारिज कर दी और उनकी हिरासत 10 मई तक बढ़ा दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UN ने इसराइल से क्या माँग की है

UN Human Rights Office ने Saif Abu Keshek और Thiago Avila को तुरंत रिहा करने और उनके साथ हुई बदसलूकी की जाँच करने की माँग की है।

कार्यकर्ताओं की वर्तमान स्थिति क्या है

दोनों कार्यकर्ता Ashkelon जेल में भूख हड़ताल पर हैं और कोर्ट ने उनकी हिरासत को 10 मई तक बढ़ा दिया है।