UN में यमन का बड़ा बयान, सऊदी अरब की मदद से बचा देश का सिस्टम और जिंदगी.

संयुक्त राष्ट्र में यमन के स्थायी प्रतिनिधि Abdullah Al-Saadi ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद के सामने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब की तरफ से मिला राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय सहयोग यमन के सरकारी संस्थानों के लिए एक जीवन रेखा साबित हुआ है। इस मदद के बिना देश का सिस्टम पूरी तरह से बिखर सकता था।
हूती विद्रोहियों पर बोला तीखा हमला
अपने संबोधन के दौरान Abdullah Al-Saadi ने हूती मिलिशिया और उनके पीछे ईरान का समर्थन करने वालों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि हूती संगठन देश में शांति के बजाय अराजकता और युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। यह समूह समान नागरिकता के सिद्धांतों को दरकिनार करके केवल अपनी साप्रदायिक नीतियों पर काम कर रहा है और ईरानी हुकूमत के इशारों पर नाच रहा है.
खाद्य आपूर्ति वाले जहाज पर हुआ था हमला
अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए हूतियों ने मानवता को शर्मसार करने वाले काम किए हैं। Abdullah Al-Saadi ने 11 August 2026 को हुई एक घटना का जिक्र किया जिसमें खाद्य सामग्री ले जा रहे एक समुद्री जहाज को निशाना बनाया गया था। इस कायराना हमले में चार नाविकों की जान चली गई थी। सुरक्षा परिषद की इस बैठक के बाद 20 August 2026 को आई रिपोर्टों में भी यह बात दोहराई गई कि सऊदी अरब का यह साथ यमन के लिए अब भी बहुत जरूरी है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि यदि इस सहायता में किसी भी तरह की कमी आई तो यमन की पहले से ही कमजोर व्यवस्था पूरी तरह से खतरे में पड़ जाएगी।