Strait of Hormuz में फंसे हजारों नाविकों के लिए राहत की खबर आई है. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इन नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया है. यह ऑपरेशन उन लोगों के लिए है जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस समुद्री रास्ते में फंस गए थे.
11,000 नाविकों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 जून 2026 को यह निकासी योजना शुरू की गई है. इस पूरे ऑपरेशन की कमान International Maritime Organization (IMO) के हाथ में है. इसका मकसद करीब 11,000 नाविकों को इस रणनीतिक समुद्री रास्ते से बाहर निकालना है. इससे पहले अप्रैल 2026 में यह अनुमान लगाया गया था कि करीब 2,000 जहाजों पर 20,000 नाविक फंसे हुए हैं.
क्यों फंसे हैं नाविक
यह पूरी समस्या अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से शुरू हुई. फरवरी 2026 के आखिर में अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया था. इससे पहले अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की थी. इस तनाव के बीच अब तक कम से कम 14 नाविकों की मौत हो चुकी है और जहाजों पर 46 हमलों की पुष्टि हुई है.
अधिकारियों ने क्या कहा
IMO के Secretary-General Arsenio Dominguez ने बताया कि यह ऑपरेशन ईरान, ओमान, अमेरिका और अन्य तटीय देशों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि सभी सुरक्षा गारंटी ले ली गई हैं और रास्ता सुरक्षित है. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह का टैक्स या टोल वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है.
UN के Secretary-General António Guterres ने भी अप्रैल में सदस्य देशों से इस आपातकालीन योजना का समर्थन करने की अपील की थी और कहा था कि समुद्री रास्तों की आजादी का सम्मान होना चाहिए.
ओमान की भूमिका और नियम
इस ऑपरेशन में ओमान ने भी मदद की है और जहाजों के सुरक्षित निकलने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं. यह पूरी प्रक्रिया UNCLOS (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन) के नियमों के तहत की जा रही है, जो अंतरराष्ट्रीय रास्तों पर बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने के अधिकार की बात करता है.
