UN Human Rights Council के एक्सपर्ट्स ने दुनिया के सभी सदस्य देशों से इसराइल को हथियार भेजने पर रोक लगाने की अपील की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर युद्ध और हथियारों की सप्लाई से जुड़ा है।
UN एक्सपर्ट्स ने यह अपील क्यों की है?
UN के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसराइल को हथियारों की सप्लाई से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। इससे पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी कि गाजा में हथियारों का इस्तेमाल मानवाधिकारों के खिलाफ जा रहा है। मार्च 2025 की एक रिपोर्ट में भी बताया गया था कि हथियारों की सप्लाई की वजह से गाजा में तबाही और ज़्यादा बढ़ गई है।
इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है?
- फरवरी 2024 में एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी थी कि हथियारों की सप्लाई अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हो सकती है।
- मार्च 2024 में Francesca Albanese ने एक रिपोर्ट दी थी जिसमें हथियारों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।
- अप्रैल 2024 में UN Human Rights Council ने एक प्रस्ताव पास किया था जिसमें भुखमरी को युद्ध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की निंदा की गई थी।
- जुलाई 2024 में 38 स्वतंत्र विशेषज्ञों ने तुरंत और पूरी तरह से हथियार रोकने की मांग की थी।
UN Human Rights Council एक्सपर्ट्स कौन होते हैं?
ये एक्सपर्ट्स स्वतंत्र होते हैं और UN के स्टाफ नहीं होते। इनमें स्पेशल रैपोर्टर्स और वर्किंग ग्रुप्स शामिल होते हैं जो अपनी मर्जी से काम करते हैं। हालांकि इनके विचार पूरी तरह से UN के आधिकारिक विचार नहीं होते, लेकिन इनकी रिपोर्ट्स और बयानों का पूरी दुनिया में काफी वजन होता है और देश इन्हें गंभीरता से लेते हैं।
