संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था यानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने ईरान के खिलाफ अमेरिका समर्थित एक बड़ा प्रस्ताव पास किया है। 10 जून 2026 को हुए इस मतदान में ईरान से मांग की गई है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार की पूरी जानकारी साझा करे और जांचकर्ताओं को वहां जाने की इजाजत दे। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए काहिरा निरीक्षण समझौते को रद्द कर दिया है जिससे तनाव बढ़ गया है।
इस प्रस्ताव के पक्ष और विरोध में किसने दिया वोट?
IAEA के 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में इस प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इस मतदान के आंकड़े इस प्रकार रहे:
- पक्ष में वोट: कुल 21 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसमें सऊदी अरब भी शामिल था।
- विरोध में वोट: 3 देशों ने इसके खिलाफ वोट दिया, जिनमें रूस, चीन और नाइजर शामिल हैं।
- वोट से दूरी: 10 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जबकि वेनेजुएला को इस प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं मिली।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और वैश्विक नेताओं के बयान
प्रस्ताव पारित होने के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने बहुत सख्त कदम उठाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने काहिरा निरीक्षण समझौते को पूरी तरह समाप्त घोषित कर दिया है। यह समझौता ईरान के यूरेनियम भंडार की जांच का आखिरी चालू जरिया था। ईरान ने इसके संबंध में IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी को एक औपचारिक पत्र भी भेज दिया है।
वियना में ईरान के मिशन ने इस फैसले को राजनीतिक और पूरी तरह से गलत बताया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान केवल बातें करता है, काम नहीं और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
आखिर क्यों लाया गया यह प्रस्ताव?
यह प्रस्ताव मुख्य रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी द्वारा मिलकर तैयार किया गया था। इस कदम की पृष्ठभूमि में IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी की वह रिपोर्ट थी, जिसमें कहा गया था कि एजेंसी के पास लगभग एक साल से ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच करने का कोई अधिकार या रास्ता नहीं था। बोर्ड ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि ईरान पिछले 12 महीनों से नियमों का पालन करने में असमर्थ रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IAEA ने ईरान के खिलाफ क्या प्रस्ताव पास किया है?
IAEA ने एक प्रस्ताव पास कर ईरान से अपने संवर्धित यूरेनियम स्टॉक की पूरी जानकारी देने और जांचकर्ताओं को बिना देरी परमाणु ठिकानों पर जाने की अनुमति देने की मांग की है।
इस प्रस्ताव पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया रही?
ईरान ने इस प्रस्ताव को राजनीतिक बताते हुए खारिज कर दिया और काहिरा निरीक्षण समझौते को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है।
इस मतदान में किस खाड़ी देश ने हिस्सा लिया?
सऊदी अरब ने इस मतदान में हिस्सा लिया और ईरान के खिलाफ लाए गए इस प्रस्ताव के पक्ष में अपना वोट दिया।
