संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक बड़े अधिकारी ने मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह इलाका पिछले कई दशकों में सबसे ज्यादा खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। युद्ध और आपसी मतभेदों की वजह से यहाँ शांति की कोई राह नहीं दिख रही है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

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UN अधिकारी ने मिडिल ईस्ट के लिए क्या चेतावनी दी?

मिगुएल एंजेल मोरातिनोस, जो UN के गठबंधन और इस्लामफोबिया से लड़ने के विशेष दूत हैं, उन्होंने मंगलवार को एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने बताया कि इस समय पूरे क्षेत्र में भारी विभाजन और इंसानी दुख फैला हुआ है। मोरातिनोस ने साफ कहा कि अब सैन्य कार्रवाई या ताकत के दम पर समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना जरूरी है।

शांति के लिए कौन से रास्ते बताए गए?

मोरातिनोस ने भविष्य के लिए तीन मुख्य स्थितियाँ बताईं। उन्होंने कहा कि दो देशों का समाधान (two-state solution) ही शांति का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजरायल के कब्जे में एक ही राज्य रहा, तो यह फिलिस्तीनी आकांक्षाओं को खत्म करेगा और पूरे इलाके में अस्थिरता बढ़ाएगा। उन्होंने एक नए क्षेत्रीय सुरक्षा सिस्टम बनाने की भी बात कही।

कुवैत और खाड़ी देशों के लिए क्या सलाह दी?

उन्होंने कुवैत की तारीफ करते हुए इसे कानून और संप्रभुता का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 1991 में अंतरराष्ट्रीय कानून की मदद से कुवैत की आजादी इस बात का सबूत है कि कानून जरूरी है। खाड़ी देशों को सलाह दी गई कि वे अपनी नीतियों में खुद नेतृत्व करें और बाहरी देशों के सैन्य ठिकानों पर निर्भरता कम करें।

विवरण जानकारी
अधिकारी का नाम मिगुएल एंजेल मोरातिनोस
तारीख 21 अप्रैल, 2026
मुख्य चेतावनी दशकों का सबसे खतरनाक दौर
सुझाया गया समाधान दो देशों का समाधान (Two-state solution)
कुवैत की स्थिति संप्रभुता और कानून का मॉडल
खाड़ी देशों को सलाह विदेशी सैन्य ठिकानों पर निर्भरता कम करें
संदर्भ यूरोपीय परिषद का फिलिस्तीनी राज्य समर्थन
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.