UN की स्पेशल रैपोर्टर Francesca Albanese ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है. उन्होंने बताया कि इसराइल की जेलों में फिलिस्तीनी कैदियों के साथ बहुत बुरा बर्ताव हो रहा है. Albanese का कहना है कि यह सब योजना बनाकर किया जा रहा है और उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई और प्रतिबंधों की मांग की है.
रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे हुए हैं?
Francesca Albanese ने अपनी रिपोर्ट “Torture and Genocide” में बताया कि अक्टूबर 2023 से जेलों में टॉर्चर बहुत बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि इसराइल की जेलें अब क्रूरता की लैब बन गई हैं जहाँ कैदियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सब बड़े राजनीतिक स्तर पर मंजूरी के बाद किया जा रहा है.
जेलों के हालात और आंकड़े क्या कहते हैं?
अक्टूबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं. Albanese ने अपनी रिपोर्ट में इन बातों का जिक्र किया है:
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल हिरासत में लिए गए लोग | 18,500 से ज़्यादा (बच्चों समेत) |
| हिरासत में मौतें | लगभग 100 लोग |
| लापता हुए लोग | करीब 4,000 लोग |
| प्रताड़ना के तरीके | गंभीर मारपीट, यौन हिंसा, भूखा रखना और कुत्तों से हमला |
| रिपोर्ट का नाम | Torture and Genocide (A/HRC/61/71) |
| प्रस्तुति की तारीख | 23 मार्च 2026 (जेनेवा) |
अब आगे क्या मांग की गई है?
Albanese ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) से इस मामले की जांच करने और दोषियों को सजा देने की अपील की है. उन्होंने इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir, Bezalel Smotrich और Israel Katz जैसे बड़े अधिकारियों के लिए अरेस्ट वारंट जारी करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून किसी भी हाल में टॉर्चर की इजाजत नहीं देता.
