UN का बड़ा खुलासा, इसराइल ने लेबनान की 15% ज़मीन पर किया कब्ज़ा, अंतरराष्ट्रीय नियमों का हुआ उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। UN के मुताबिक, इसराइल ने लेबनान की ब्लू लाइन के उत्तर में करीब 15 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। इस खबर के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

UN और Resolution 1701 का क्या है मामला?

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इसराइल की सेना ने लेबनान के इलाके में घुसकर कब्ज़ा किया है। 2006 में पास हुए Resolution 1701 के तहत, इसराइल और हिज़्बुल्लाह दोनों को तय सीमा से पीछे हटना था। UN के अधिकारियों का कहना है कि इसराइल ने न केवल सीमा लांघी है, बल्कि वहां बफर ज़ोन भी बना लिया है। यह स्थिति शांति समझौतों के बिल्कुल खिलाफ है और इससे शांति की उम्मीदें कम हो रही हैं।

लेबनान सरकार का क्या कहना है और क्या चल रही हैं बातचीत?

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने साफ कहा है कि जब तक इसराइल पूरी तरह पीछे नहीं हटता, कोई भी समझौता संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इसराइल ने कई गाँवों पर कब्ज़ा किया है, जिससे लोग अपने घर नहीं लौट पा रहे हैं। वहीं, वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल के बीच दूसरी दौर की बातचीत शुरू हुई है, ताकि 26 अप्रैल को खत्म होने वाले युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाया जा सके।

घरों को ढहाने और बफर ज़ोन पर विवाद

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसराइल द्वारा घरों को गिराए जाने पर चिंता जताई है। UNIFIL ने भी इन घरों को ढहाए जाते देखा है। इसराइल का दावा है कि वह केवल हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को नष्ट कर रहा है, लेकिन लेबनान का कहना है कि आम लोगों के घर उजाड़े जा रहे हैं। कुवैत ने भी इस पूरी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।