दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। UN के चीफ Antonio Guterres ने इस रास्ते को तुरंत खोलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर यह रास्ता बंद रहा तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भारी असर पड़ेगा।

UN चीफ ने Strait of Hormuz को खोलने के लिए क्या अपील की है?

UN Secretary-General Antonio Guterres ने 27 अप्रैल 2026 को UN Security Council की एक हाई-लेवल मीटिंग में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस समुद्री रास्ते से जहाजों को बिना किसी भेदभाव और बिना किसी टोल टैक्स के गुजरने दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे एक मानवीय और आर्थिक जरूरत बताया ताकि वैश्विक व्यापार फिर से शुरू हो सके और दुनिया की इकोनॉमी को राहत मिले।

समुद्री रास्ते की मौजूदा स्थिति और खतरे क्या हैं?

IMO के चीफ Arsenio Dominguez ने चेतावनी दी है कि फिलहाल इस रास्ते से गुजरना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने बताया कि वहां नेविगेशन के अधिकार खतरे में हैं और कई हमले हुए हैं। अब तक की जानकारी के मुताबिक:

  • जहाजों पर 29 हमले हो चुके हैं।
  • कम से कम 10 नाविकों की जान जा चुकी है।
  • 20,000 से ज्यादा नाविक बीच समुद्र में फंसे हुए हैं।
  • करीब 2,000 कमर्शियल जहाज अनिश्चित और खतरनाक स्थितियों में फंसे हैं।

डोमिंगुएज़ ने कहा कि जब तक सुरक्षित नेविगेशन की गारंटी नहीं होगी और बारूदी सुरंगों (mines) की सफाई नहीं होगी, तब तक व्यापारिक भरोसा वापस नहीं आएगा।

आम जनता और वैश्विक बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा?

Strait of Hormuz में मचे इस हंगामे की वजह से पूरी दुनिया में तेल और अन्य सामानों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ गया है। ट्रांसपोर्ट और इंश्योरेंस का खर्चा बढ़ गया है, जिसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों और महंगाई पर पड़ेगा।

इस विवाद में ईरान और अमेरिका आमने-सामने हैं। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका अपना मिलिट्री ब्लॉकेड हटा ले तो वह रास्ता खोल देगा। वहीं, अमेरिका और इसराइल ने फरवरी में ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद से यह स्थिति बिगड़ी है। फिलहाल व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह इस संवेदनशील मामले पर प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.