Middle East में तनाव बहुत बढ़ गया है और अब दुनिया को एक बड़े युद्ध का डर सता रहा है। UN के चीफ António Guterres ने ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच बढ़ती लड़ाई पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर अब भी कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे इलाके में तबाही मच सकती है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

युद्ध रोकने की अपील

UN चीफ ने सभी देशों से मांग की है कि वे तुरंत ceasefire (युद्धविराम) को पूरी तरह लागू करें। 10 जून 2026 को Security Council को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई का सबसे बुरा असर उन कमजोर देशों पर पड़ेगा जो इस विवाद में शामिल भी नहीं हैं।

गल्फ देशों और समुद्री रास्तों पर खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने गल्फ क्षेत्र के उन पड़ोसी देशों पर भी हमले किए हैं जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। Guterres ने कहा कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी (navigational rights) का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मानने और आम नागरिकों की जान बचाने के लिए हर संभव सावधानी बरतने की अपील की है।

बातचीत ही एकमात्र रास्ता

UN चीफ का मानना है कि इस संकट को केवल बातचीत और समझौतों के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। उन्होंने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे शांति के लिए अपनी कोशिशें तेज करें ताकि एक टिकाऊ समझौता हो सके।

  • लेबनान: फ्रांस ने भी लेबनान में शांति बनाए रखने और Hezbollah के हमलों को रोकने की बात कही है।
  • गाज़ा: यहाँ के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और मानवीय मदद पहुँचाना बड़ी चुनौती बन गया है।
  • सीरिया: UN चीफ ने सीरिया की संप्रभुता और वहां की शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया है।